अमरोहा: अदालत ने किशोरी का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में सगे भाइयों को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। उन पर दो लाख 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की राशि में से दो लाख रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है।

यह घटना डिडौली कोतवाली क्षेत्र एक गांव में 29 जुलाई 2015 को हुई थी। यहां पर किसान का परिवार रहता है। 29 जुलाई की शाम किसान की 16 वर्षीय बेटी घर से सामान लेने के लिए दुकान पर जा रही थी। गांव का ही रहने वाला करनवीर किशोरी को बहला-फुसला कर ले गया। स्वजन ने उसे काफी तलाश किया था लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।

आरोपित ने कई दिन तक किशोरी को इधर-उधर रखा। इस घटना में करनवीर का सगा भाई हरिओम भी शामिल था। लिहाजा किशोरी के भाई ने दोनों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया। किशोरी ने आरोपित करनवीर और उसके भाई हरिओम पर बंधन बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने आरोप लगाया था। दोनों भाइयों को जेल भेज दिया था। दोनों आरोपित जमानत पर जेल से बाहर आ गए थे।

यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पोक्सो एक्ट प्रथम अवधेश कुमार सिंह की अदालत में चल रहा था। विशेष लोक अभियोजक पोक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने दोषियों को सख्त सजा देने की पैरवी की। बुधवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोनों भाइयों को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों भाइयों को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 2 लाख 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की राशि में से दो लाख रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है।

Edited By: Jagran