9 दिन की देरी पड़ी भारी: पिल्ले के काटने को हल्के में लिया, रेबीज से 8 साल की बच्ची की मौत; 24 घंटे में बिगड़ी थी हालत
अमरोहा के हसनपुर में एक आठ वर्षीय बच्ची महक की रेबीज से मौत हो गई, जिसे एक पिल्ले ने काटा ...और पढ़ें

मृतक बच्ची महक की फाइल फोटो
HighLights
एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने में लापरवाही का स्वजन को जीवन भर रहेगा मलाल
कुत्ते के बच्चे को भी हो गया था रेबीज, जिसे आठ दिन पहले लोगों ने मार दिया था
संवाद सहयोगी, हसनपुर (अमरोहा)। गीदड़ के काटने पर पागल होकर मरे फीमेल पालतू कुत्ते की मौत होने के बाद उसके ढाई माह के बच्चे के काटने से गृहस्वामी की आठ वर्षीय बेटी महक को शनिवार रात रेबीज हो गया था। वह कुत्ते की तरह भौंकने लगी थी। स्वजन इलाज के लिए मुरादाबाद ले गए। वहां से दिल्ली रेफर कर दिया था, लेकिन रात को घर पर ही छात्रा की मौत हो गई।
गंगेश्वरी गांव निवासी योगेश कुमार भेड़ बकरी पालकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके परिवार में पत्नी सुमन, एक बेटा लवकुश तथा दो बेटियां सोनिया और महक थीं।
घर गांव के बाहरी छोर पर होने की वजह से भेड़, बकरियों और परिवार की सुरक्षा की दृष्टि से एक फीमेल कुत्ता पाल लिया था। जिसे चार सितंबर को जंगल से आए पागल गीदड़ ने काट लिया था।
10-12 दिन के बाद कुत्ता पागल हो गया और उसकी मौत हो गई। कुत्ते ने अपने पीछे ढाई माह के फीमेल बच्चे को छोड़ा था। वह बच्चा अपनी मां का दूध पीता था। मां की मौत के बाद गृहस्वामी ने कुत्ते के बच्चे की देखरेख शुरू कर दी।
उन्हें इस बात का एहसास नहीं हुआ कि रेबीज होने से उसकी मां की मौत हुई है। 20 सितंबर को कुत्ते के बच्चे ने गृहस्वामी की छोटी बेटी को काट लिया था।
बेटी को काटने के दो-तीन दिन बाद यानी हफ्ता भर पहले कुत्ते का बच्चा भी पागल हो गया और उसे लोगों ने मार दिया था। इसके बावजूद भी बेटी को कुत्ते के बच्चे के काटने पर अधिक घाव नहीं होने की वजह से स्वजन हल्के में लेते रहे।
बाद में आस पड़ोस के लोगों के कहने पर नौ दिन बाद 29 सितंबर को रहरा सीएचसी पहुंचकर बेटी के एंटी रेबीज का पहला इंजेक्शन लगवाया। दूसरा इंजेक्शन तीन अक्टूबर को लगना था।
लेकिन छात्रा की दोपहर से ही हालत बिगड़ने शुरू हो गई और रात को 11 बजे वह कुत्ते की तरह भौंकने लगी। रविवार को स्वजन उसे मुरादाबाद डीएमआर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सक मंजेश राठी ने उसकी हालत देखकर दिल्ली को रेफर कर दिया।
स्वजन मुरादाबाद से सीधे दिल्ली ले जाने के बजाय घर ले आए। जहां रात नौ बजे उसकी मृत्यु हो गई। परिवार के लोगों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया है।
गंगेश्वरी में आठ वर्ष की लड़की महक को रेबीज होने से मौत हुई है। कुत्ते के काटने के बाद परिवार के लोगों ने एंटी रेबीज लगवाने में नौ दिन की देरी की। 29 सितंबर को पहला एंटी रेबीज इस का इंजेक्शन लगवाया था। कुत्ते के काटने के बाद चार इंजेक्शन लगने जरुरी होते हैं।
- डाॅ. मुदित गौतम, चिकित्सा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहरा।
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