हसनपुर : बरसात सही होने से इस बार क्षेत्र में सब्जी की पैदावार बेहतर है। पखवाड़ा भर पहले तक सब्जी सस्ती होने से किसान परेशान थे। लौकी को पांच रुपये किलो तक भी कोई नहीं पूछ रहा था। लौकी में आमदनी तो दूर लागत भी हाथ नहीं लगने पर अधिकांश किसानों ने लहलहाती फसलों को जोतकर दूसरी फसल की बुवाई कर दी है। अब वर्षा हटते ही लौकी समेत अन्य सब्जी के दामों में उछाल आ गया है। इससे अपनी फसलें नष्ट करने वाले किसान पछता रहे हैं। इन दिनों हसनपुर मंडी में लौकी 25 से 25 रुपये किलो, गोभी 30 से 40, प्याज 35 से 40, भिडी 15 से 20, टमाटर 40, करेला 20, तोरई 18 तथा पालक 15 से 20 रुपये किलो तक थोक में बिक रही हैं। सब्जी के दामों में उछाल आने से बरसात में सब्जी सस्ती बिकने से परेशान किसानों के चेहरों पर रौनक दिखाई देने लगी है। क्षेत्र में लौकी की इस बार शानदार फसल है। 15 दिन पहले रेट नहीं मिलने की वजह से कुछ किसानों ने लौकी की तैयार फसल पलटकर दूसरी फसलों की बुवाई कर ली है। जिन किसानों के पास इस समय सब्जी है उनकी बल्ले बल्ले हो रही है।

- सर्वेश कुमार खडगवंशी, आढ़ती। बरसात में सब्जी उगाने वाले किसानों को सब्जी के रेट सही नहीं मिल रहे थे। लौकी पांच रुपये किलो में भी नहीं बिक पा रही थी लेकिन, इस समय धारी वाली लौकी 25 रुपये किलो तक बिकने से किसानों के आंसू पूछ रहे हैं।

देवेंद्र सैनी, तहसील अध्यक्ष, भाकियू भानू। सितंबर माह के सापेक्ष अक्टूबर में सब्जी के रेट महंगे हुए हैं। पिछले महीने सब्जी सस्ती होने से लौकी की फसल बहुत से किसानों ने नुकसान से बचने को पलट दी थी। परंतु अब रेट महंगे देखकर पछतावा हो रहा है।

शोभाराम, किसान, करनपुर माफी। किसानों के पास जब सब्जी अधिक थी तब रेट नहीं मिल रहे थे। अब सब्जी कम रह गई है तो रेट बढ़ रहे हैं। बरसात हटने से सब्जी के रेटों में उछाल आया है जिनके पास सब्जी है उनके आंसू पूछ रहे हैं। नवरात्र के बाद सब्जी के दाम और बढ़ने की संभावना है।

हुकम देवी, किसान, करनपुर माफी।

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