हसनपुर: अच्छे संस्कारों का होना इंसान के लिए बहुत जरूरी है। बड़ों के आदर करने वाले बच्चे बड़े होकर महान बनते हैं। जीवन में शिक्षा के साथ बेहतर संस्कारों का होना भी जरूरी है। हमें अच्छाई की समझ होनी चाहिए। मेहनत हमेशा रंग लाती है। जीत सदा सच्चाई की होती है। यह बातें सोमवार को प्रार्थना सभा के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित दैनिक जागरण की संस्कारशाला में विद्यालय के प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह ने छात्र छात्राओं से कहीं। उन्होंने दैनिक जागरण में प्रकाशित संस्कारशाला की खबर पढ़कर सुनाते हुए बच्चों को संस्कारवान बनने के लिए प्रेरित किया। कहा कि लोकप्रिय समाचार पत्र दैनिक जागरण हमें सुबह को दिन की शुरूआत देश दुनिया एवं क्षेत्र की बेहतर खबरों से करता है। दैनिक जागरण की संस्कारशाला से बच्चों को बेहतर संस्कार भी सीखने को मिल रहे हैं। स्कूलों में जागरण की संस्कारशाला लगाने एवं संस्कारशाला की परीक्षा संपन्न कराने से छात्र छात्राएं संस्कारों के प्रति जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्कार सिखाने को स्कूलों में अलग से कक्षा नहीं लगतीं, बल्कि संस्कार हमें अच्छे लोगों व बुजुर्गों से सीखने को मिलते हैं। हमें अपने से बड़ों के प्रति आदर एवं प्रेमभाव की भावना रखनी चाहिए। माता पिता व दूसरे बुजुर्गों से सरल स्वभाव से पेश आना चाहिए। साझेदारी व सेवा करने वालों के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए। हमें अच्छा खाने, अच्छा पहनने तथा सही रास्ते पर चलने की समझ का होना जरूरी है। नासमझी के चलते हमारा युवा वर्ग कम उम्र में ही रास्ते से भटक रहा है। युवा शरीर को नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुओं का सेवन करने लगते हैं। ऐसा करने से खुद के नुकसान के साथ ही समाज के भी बुरे बन जाते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के पास जीवन के अनुभव होते हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर हमें सही दिशा मिलती है। स्वयं संस्कारवान बनने के साथ ही अपने बहन भाइयों एवं मुहल्ला पड़ोस के हम उम्र बच्चों को भी अच्छे संस्कार सिखाने चाहिए। आचार्य ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि हमें देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए शिक्षा के साथ बेहतर संस्कारवान होने की जरूरत है। दैनिक जागरण की संस्कारशाला से छात्र छात्राओं में संस्कारों के प्रति उत्सुकता बढ़ रही है।

Posted By: Jagran

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