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गंगा का पानी उतरते ही रेती पर ‘वर्चस्व की जंग’: 10 हजार बीघा जमीन पर कब्ज़े को लेकर तनातनी, छाने लगा विवाद का साया

Published: Sat, 24 Oct 2026 04:56 PM (IST)

गंगा का पानी उतरने के बाद हसनपुर क्षेत्र में रेतीली भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर किसानों में तनाव बढ़ ...और पढ़ें

गंगानगर गांव के नजदीक गंगा की रेती पर पालेज लगाने को ग्रामीणों द्वारा तैयार की गई जमीन । जागरण

गंगानगर गांव के नजदीक गंगा की रेती पर पालेज लगाने को ग्रामीणों द्वारा तैयार की गई जमीन । जागरण

संवाद सहयोगी, हसनपुर (अमरोहा)। वर्षा के बाद गंगा में आया बाढ़ का पानी भी उतर गया है। जिसकी वजह से गंगा द्वारा छोड़ी गई रेती की भूमि पर अवैध कब्जा करने को लेकर किसानों में तनातनी देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां किसान गंगा के कटान में समाए अपने खेतों को दोबारा से स्थापित कर रहे हैं।

वहीं, दूसरी ओर उसकी आड़ में ग्राम समाज तथा वन विभाग की भूमि को भी नहीं छोड़ रहे हैं। इससे उनके बीच विवाद की संभावनाएं गहरा रही हैं।

हसनपुर तहसील क्षेत्र में करीब 45 किमी लंबे एरिया में पतित पावनी मां गंगा बह रही है। गंगा के किनारे पर ग्राम समाज तथा वन विभाग की भी 10 हजार बीघा से अधिक जमीन है।

इस भूमि पर किसान अवैध कब्जा करके पालेज लगाने तथा रबी की फसलों की बोआई करने की तैयारी कर रहे हैं। हालात यह है कि गंगा के किनारे पर जिसकी लाठी में जितना दम है वह उतनी ही भूमि पर कब्जा कर रहा है।

भूमि की जुताई करके कोई आता है और बोआई दूसरा कर देता है। ऐसे में किसानों में इस मौसम में विवाद होने तथा बंदूकें गरजने के मामले में गत वर्षों में सामने आते रहे हैं।

तीन वर्ष पहले प्रधान पति के मारी थी गोली

गंगा की रेती की भूमि के विवाद की रंजिश में करीब तीन साल पहले हसनपुर कोतवाली के गंगा तटबंध किनारे के गांव सिरसा गुर्जर की प्रधान राजेश्वरी के पति बृहम सिंह को गोली मारकर घायल कर दिया था। गोली मारने के आरोप में पूर्व प्रधान बीरू सिंह व बंटी जेल गए थे।

वोट के लालच में चहेतों को जोतवा रहे भूमि

मौजूदा ग्राम प्रशासक एवं प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदार वोट के लालच में अपने चहेतों को ग्राम समाज तथा वन विभाग की गंगा की रेती की भूमि को जोतवा देते हैं।

गंगा के किनारे के गांवों में प्रधानी की हार जीत में गंगा क्षेत्र की भूमि की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। प्रधान पक्ष के लोग पांच साल तक मलाई खाते हैं। केवल प्रधान तक ही मामला सीमित नहीं रहता बड़े जनप्रतिनिधियों के करीबियों की निगाहें भी गंगा किनारे की ग्राम समाज की भूमि पर टिकी रहती हैं।

 

गंगा किनारे की ग्राम समाज अथवा अन्य किसी भी श्रेणी की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने की इजाजत किसी को नहीं है। गंगा क्षेत्र की भूमि पर अवैध कब्जा कर फसलें उगाने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।

- हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम, हसनपुर।


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