अमरोहा विधायक फार्म हाउस गैंगरेप केस: राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट, दारोगा निलंबित
विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस पर हरियाणा की युवती के साथ हुए दुष्कर्म मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
राष्ट्रीय महिला आयोग ने दुष्कर्म मामले में हस्तक्षेप किया।
आयोग ने डीजीपी से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी।
कमरा दिलाने वाले दारोगा नरेशपाल राणा को निलंबित किया गया।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। उत्तराखंड के विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस पर हरियाणा की युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने हस्तक्षेप किया है। आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने प्रदेश के पुलिस पुलिस महानिदेशक को पत्र भेज कर समय से मामले की निष्पक्ष जांच के साथ ही इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों का पता लगाते हुए कार्रवाई को कहा है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है।
वहीं मुआवजा दिलाने के लिए डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को फतेहाबाद प्रशासन से पत्राचार कर पीड़िता का जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया है। वहीं आरोपितों को कमरा दिलाने के लिए काल करने वाले दारोगा नरेशपाल राणा को निलंबित कर दिया गया है।
दारोगा नरेशपाल राणा निलंबित
मंगलवार रात को हसनपुर रोड पर गांव झुलपुरी में स्थित विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस पर हरियाणा की युवती के साथ दुष्कर्म किया गया था। इस मामले में हसनपुर कोतवाली में तैनात दारोगा संजय तोमर, हेड कांस्टेबल प्रमोद, सीआरपीएफ के निरीक्षक लालाराम यादव व हेड कांस्टेबल मोहित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मोहित पीड़िता को सोमवार यानी 21 सितंबर को सोनीपत से लेकर मेरठ होते हुए लालाराम यादव के साथ यहां पहुंचा था।
आयोग की अध्यक्ष ने डीजीपी को भेजा पत्र
घटना के बाद चर्चा में आए विधायक के फार्म हाउस के बाद शनिवार को भाकियू संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र भेज कर इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। इस क्रम में रविवार को आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से पत्राचार किया है।
जाति प्रमाण पत्र के लिए डीएम ने फतेहाबाद प्रशासन से पत्राचार का निर्देश दिया
आयोग की अध्यक्ष ने डीजीपी को पत्र भेजकर मामले की समयबद्ध एवं विस्तृत जांच, बीएनएस की प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई, फॉरेंसिक साक्ष्यों के संरक्षण तथा घटना में किसी भी सहयोगी या अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही आयोग ने दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के विरुद्ध त्वरित विभागीय कार्रवाई तथा पीड़िता और उसके परिवार को आवश्यक चिकित्सकीय, कानूनी, मनोवैज्ञानिक एवं सुरक्षा सहायता और नियमानुसार मुआवजा सुनिश्चित करने को भी कहा है। आयोग ने एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
एसपी ने कहा, विभागीय जांच जारी
एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि दारोगा नरेशपाल राणा को निलंबित कर दिया गया है तथा विभागीय जांच कराई जा रही है। आरोपित सीआरपीएफ के जवान मोहित से नरेशपाल राणा का क्या संबंध है, इस बारे में भी जांच कराई जा रही है। वहीं डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि पीड़िता को मुआवजा दिलाने के लिए उसके जाति प्रमाण पत्र के संबंध में फतेहाबाद प्रशासन से पत्राचार करने का निर्देश जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिया है। प्रमाण पत्र मिलने पर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी।
