अमरोहा : 17 वर्ष के बर्खास्त चल रहे शिक्षा विभाग के लिपिक पर तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक मेहरबान हो गए। उन्होंने बिना किसी आधार के उसे दोबारा नियुक्ति दे दी। इसकी शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने मौजूदा जिविनि को प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए, जिसमें पूरे खेल से पर्दा हट गया।

तहसील क्षेत्र के गांव रसूलपुर गुर्जर का ओमपाल ¨सह कैलसा के जलालपुर गांव के एकेजी इंटर कालेज में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। जिन्हें तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ने अनियमितताएं बरतने के आरोप में वर्ष 1985 में निलंबित कर दिया था। आरोपित लिपिक ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। प्रकरण की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जांच पूरी होने तक स्थगन आदेश दे दिया था। लेकिन बाद में सुनवाई के दौरान वर्ष 1996 में बर्खास्त कर दिया। इसके बाद आरोपित ने दो बार और कोर्ट की शरण ली मगर राहत नहीं मिली। वर्ष 2013 में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक रवि दत्त ने आश्चर्यजनक ढंग से बर्खास्त लिपिक को बिना किसी आधार के आरोपित को एकेजी कालेज में दोबारा नियुक्ति दे दी। अब इस प्रकरण की शिकायत जिलाधिकारी हेमंत कुमार से की गई। जिसमें डीएम ने वर्तमान जिविनि रामाज्ञा कुमार को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए। जिविनि ने जांच पड़ताल कर पूरे मामले की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। अभी तक प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि जिलाधिकारी के आदेश के बाद ही आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran