जागरण संवाददाता, अमरोहा : जिले में डेंगू बेलगाम साबित हो रहा है। फिर तीन ओर डेंगू आशंकित मरीज मिलने से स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मच गया है। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की और परिजनों से मरीज को मच्छरदानी में ही रहने की सलाह दी। टीम ने बेहतर इलाज के लिए खून का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है। अभी तक जिले में सात डेंगू आशंकित मरीज के केस सामने आ चुके हैं। जिले में फिर तीन ओर डेंगू आशंकित मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। पहला मामला नौगावां सादात का है। वहां फरीदी इंटर कालेज के पास रहने वाले मेहताब की पत्नी नाजरीन को दस सितंबर से बुखार की शिकायत थी। हालत बिगड़ने पर 13 सितंबर को लैब से जांच कराई। जिसमें चिकित्सकों ने डेंगू आशंकित होने की पुष्टि की। मेहताब ने गंभीर हालत में पत्नी को मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। आनन-फानन में नोडल अधिकारी डॉ. विनोद, डॉ. जावेद सिद्दीकी टीम के साथ गुरुवार को नौगावां सादात पहुंचे और जांच पड़ताल की। तो मेहताब के घर के आस-पास गंदगी व पानी भरा था। जिसमें टीम ने परिजनों को सफाई व मरीज को मच्छरदानी में रखने की सलाह दी। फिलहाल टीम ने जांच के लिए खून का नमूना लेकर मेरठ को भेजा है। दूसरा मामला जोया के इकबाल नगर का है। वहां देहरादून से तारावती नाम की महिला रिश्तेदारी में आई थी। जिसे कई दिन से बुखार था। निजी चिकित्सकों से जांच कराई को डेंगू आशंकित बताया। जिसमें रिश्तेदारों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जिसमें चिकित्सकों ने डेंगू वार्ड में भर्ती कर इलाज करना शुरू कर दिया। तीसरा मामला रामपुर घना का है। वहां शहनाबाज के बेटे अकरम को दो तीन दिन से तेज बुखार आ रहा है। शहनवाज ने पहले तो बेटे का इलाज गांव में ही चिकित्सकों से कराया। हालत बिगड़ने पर जांच कराई तो निजी चिकित्सकों ने डेंगू की पुष्टि कर दी। डेंगू की सूचना पर पहुंची टीम ने वहां जाकर जांच पड़ताल के बाद सतर्कता बड़ा दी है। डेंगू आशंकित क्षेत्रों में होगी फागिग

नोडल अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि जोया के इकबाल नगर, और रामपुर घना में जांच पड़ताल के लिए गए थे। जिसमें डेंगू की संभावनाओं को देखते हुए शीघ्र ही फागिग कराई जाएगी। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया है।

मच्छरदानी में रहने की सलाह

नोडल अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि सभी डेंगू आशंकित मरीजों को मच्छरदानी में रखने को कहा गया है, क्योंकि अगर मरीज को खुले में रखा गया तो दूसरे लोगों को भी डेंगू होने की आशंका बनी रहती है।

Posted By: Jagran

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