अमरोहा, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पूर्वी दिल्ली को दंगों की आग में झोंकने के मामले में अब जांच तेज हो गई है। हिंसा के दौरान कांस्टेबल पर पिस्टल तानने व फायरिंग करने वाले शाहरुख को पुलिस के शामली से गिरफ्तार करने के बाद अब मुख्य आरोपी पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी के सभासद ताहिर हुसैन पर शिकंजा कसा है। दिल्ली पुलिस की एक टीम ने बुधवार रात अमरोहा में ताहिर हुसैन की तलाश में छापा मारा था। 

अमरोहा का मूल निवासी ताहिर हुसैन उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में आने वाले वार्ड संख्या 59 नेहरू विहार (पूर्वी दिल्ली नगर निगम) में आम आदमी पार्टी से पार्षद है। दिल्ली के उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर अचानक चर्चा में आने वाला आम आदमी पार्टी का पार्षद ताहिर हुसैन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा का रहने वाला है। दिल्ली हिंसा के बाद फरार चल रहा ताहिर हुसैन, हिंसा में संलिप्तता और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी की हत्या के वांछित है। 

अमरोहा में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने पूर्वी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के सभासद ताहिर हुसैन की तलाश में हसनपुर क्षेत्र में छापा मारा। यहां के मूल निवासी ताहिर हुसैन पर हिंसा के दौरान लोगों को उकसाने का आरोप है। एएसपी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम रात में आई थी और यहां पर काफी पड़ताल करने के बाद दिल्ली लौट गई है।

दिल्ली पुलिस की एक टीम हसनपुर पुलिस के साथ हसनपुर कस्बे में मोहल्ला काला शहीद पहुंची। यहां ताहिर हुसैन के रिश्तेदार का घर बंद मिला, जिसके बाद पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ की। हसनपुर के बाद दिल्ली पुलिस ताहिर के पुश्तैनी गांव पोरारा पहुंची। ताहिर हुसैन की अग्रिम जमानत याचिका पर बुधवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई हुई। कड़कड़डूमा कोर्ट में ताहिर हुसैन के खिलाफ नारेबाजी हुई। ताहिर हुसैन के वकील ने पुलिस पर मनमाने तरीके से मामले की जांच करने का आरोप लगाया है। 

इससे पहले प्रदेश के शामली से दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल पर पिस्टल तानने और फायरिंग करने वाले शाहरुख को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शामली से गिरफ्तार किया था। दिल्ली के जाफराबाद में शाहरुख की एक तस्वीर जिसमें वह पुलिसकर्मी पर पिस्टल ताने हुए सामने आई थी। इसके बाद उसकी तलाश की जा रही थी। शाहरुख का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन शाहरुख के पिता पर ड्रग पैडलर होने का केस चल रहा है। उन पर कई केस दर्ज हैं। हाल ही में वो जमानत पर बाहर आया था।

दिल्ली के उत्तर-पूर्व इलाके में हुई हिंसा में दंगों में स्थानीय अपराधियों की बड़ी भूमिका रही है। ऐसे कई लोगों की पहचान भी की जा चुकी है और कई गिरफ्तार भी किये गए हैं। अपराधियों के यहां से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद हो रहे हैं जिनका जमकर इस्तेमाल हुआ। 80 से ज्यादा लोग गोली लगने से घायल हुए हैं। हिंसा करने वाले ज्यादातर लोग उत्तरी पूर्वी दिल्ली के ही रहने वाले हैं।

Posted By: Dharmendra Pandey

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