हसनपुर : छह माह पूर्व दुष्कर्म की शिकार बनी पी़ड़िता शनिवार को भ्रूण और अपनी मां के साथ कोतवाली पहुंची। भ्रूण को दुष्कर्म और जबरन गर्भपात का परिणाम बताकर तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर भ्रूण को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

पीड़िता का कहना है कि क्षेत्र के गंगा तटबांध किनारे एक गांव के जंगल में छह माह पूर्व एक युवक ने तमंचे के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। वहीं किसी से मुंह खोलने पर उसे तथा उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इससे वह इतना भयभीत हो गई कि इस घिनौनी घटना का राज छिपाएं बैठी रही। गर्भवती होने पर परिजनों ने पूछताछ की तो मां के सामने राज उगल दिया। दुष्कर्म से आक्रोशित परिजनों ने आरोपित के परिवार वालों से शिकायत की।

पीड़िता का कहना है कि उसके परिजनों की शिकायत के बाद आरोपित 13 जुलाई को अकेला देखकर उसके घर में घुस आया। तमंचे के बल पर गर्भपात की दवाई खिला दी। उस समय परिवार के लोग काम धंधे पर गए हुए थे। दवा के प्रभाव गुरुवार की रात उसे प्रसव पीड़ा हुई और सांस चलते हुए बेटे को जन्म दिया। हालांकि जन्म के घंटा भर बाद ही नवजात की सांसे थम गईं। उसकी भी हालत खराब हो गई।

शनिवार को भ्रूण को लेकर पीड़िता मां के साथ कोतवाली पहुंची। यहां वरिष्ठ उप निरीक्षक सुरेश चंद्र गौतम को तहरीर देकर पूरे मामले से अवगत कराया। कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उसकी तहरीर पर मनोज के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा कायम कर भ्रूण को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है।

प्रभारी निरीक्षक डीके शर्मा का कहना है कि पीड़िता के पिता की तहरीर पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर भ्रूण को पीएम तथा पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जा रही है। आरोपित अभी पुलिस पकड़ से दूर हैं। गर्भपात के लिए दवाई का प्रयोग करने से 3 से 4 माह तक ही गर्भपात हो सकता है। उसके बाद सफाई करानी पड़ती है। दवाई खिलाने से गर्भपात होना समझ से परे है।

डॉ. अमित कुमार वरू, चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी हसनपुर।

Posted By: Jagran

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