अमरोहा। देशव्यापी हड़ताल के चलते मंगलवार को जनपद की सभी राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं में ताला लटका रहा। राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से करीब 50 करोड़ का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान है। हालांकि प्रथमा बैंक और निजी बैंक शाखाओं के खुलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली।मालूम हो कि राष्ट्रीयकृत बैंक अन्य क्षेत्रीय बैंकों के विलय का विरोध कर रहे हैं। साथ ही सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते बैंक कर्मी पिछले काफी समय से आंदोलनरत हैं। लिहाजा बैंक यूनियनों ने मंगलवार को एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। इसके चलते भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, सिडिकेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक, आंध्रा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक समेत सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों की करीब 78 बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। इससे जनपद वासियों को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हांलाकि प्रथमा बैंक की 103 बैंक शाखाएं खुली होने से लोगों को बड़ी राहत मिली। निजी बैंक भी मंगलवार को खुले रहने से लोगों की दिक्कतें थोड़ा कम हुईं। बैंकों की हड़ताल की वजह से अधिकांश व्यापारी और कारोबारियों ने इंटरनेट बैकिंग के माध्यम से भी खूब लेनदेन किया। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक प्रशांत कुमार की माने तो प्रथमा बैंक और निजी बैंक शाखाएं खुलने से लोगों को ज्यादा दिक्कत नहीं आयी, फिर भी राष्ट्रीयकृत बैंकों की एक दिवसीय हड़ताल से करीब 50 करोड़ का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान है।

Posted By: Jagran

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