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दिवाली से पहले किसानों के लिए खुशखबरी: अमरोहा में 1 नवंबर से चलेंगी चीनी मिलें, 2.79 करोड़ क्विंटल का लक्ष्य

Published: Mon, 26 Oct 2026 02:16 PM (IST)

अमरोहा की तीनों चीनी मिलें दीपावली से पहले पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी में हैं, जिनमें से दो 1 ...और पढ़ें

हसनपुर चीनी मिल में पेराई सत्र के शुभारंभ से पहले मरम्मत करते मैकेनिक। जागरण

हसनपुर चीनी मिल में पेराई सत्र के शुभारंभ से पहले मरम्मत करते मैकेनिक। जागरण

संवाद सहयोगी, हसनपुर (अमरोहा)। दीपावली से पहले अमरोहा जनपद की तीनों चीनी मिलें दि किसान सहकारी चीनी मिल गजरौला हसनपुर, वेब शुगर मिल मलेशिया मंडी धनौरा, त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर अपना आगामी पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी कर रहीं हैं। चंदनपुर और मलेशिया के पहली नवंबर से चालू होने की संभावना जताई जा रही है।

सभी मिलों में मरम्मत व सफाई के साथ ही क्रय केंद्रों पर कांटे लगाने का कार्य तेजी के साथ चल रहा है। जनपद में गन्ने का कुल रकबा 70354 बीघा है। जिसमें सबसे अधिक 33 हजार बीघा गन्ने का रकबा वेब शुगर मिल मलेशिया के पास है।

दूसरे नंबर पर त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर के पास 25175 बीघा तथा सबसे कम दि किसान सहकारी चीनी मिल गजरौला हसनपुर के पास 12179 बीघा रकबा है।

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आगामी पेराई सत्र के लिए वेब शुगर मिल को एक करोड़ 50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य मिला है। त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर को 93 लाख क्विंटल तथा हसनपुर चीनी मिल को 36 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

वेब शुगर मिल क्षेत्र में 110 गन्ना क्रय केंद्र हैं। 90 केंद्रों पर कांटे लग चुके हैं। त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर के क्षेत्र में अब तक 44 कांटे लग चुके हैं। हसनपुर चीनी मिल में गेट के अलावा 16 गन्ना क्रय केंद्र हैं।

तीनों चीनी मिलों में मशीनरी की मरम्मत के साथ ही साफ-सफाई का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। खास बात यह है कि जनपद की तीनों चीनी मिलों ने किसानों का गत पेराई सत्र का संपूर्ण गन्ना भुगतान पेराई सत्र समाप्त करने के तुरंत बाद ही कर दिया था।

पेराई क्षमता दोगुनी करने की दिशा में नहीं बढ़े कदम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2018 में हसनपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए हसनपुर चीनी मिल की पेराई क्षमता को 2500 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर दोगुनी करने की घोषणा की थी।

इसके साथ ही चीनी मिल के स्थान पर आधुनिक इंटीग्रेटेड शुगर कांप्लेक्स की स्थापना करने की घोषणा की थी। क्षेत्र के 40 हजार गन्ना किसान आठ वर्ष से चीनी मिल की क्षमता दोगुनी होने की आस देख रहे हैं।

लेकिन कैबिनेट से मंजूरी होने के बावजूद भी सरकार के इस दिशा में कदम नहीं बढ़े हैं। चुनावी वर्ष होने की वजह से इस वर्ष भी चीनी मिल का विस्तारीकरण न होने से किसानों को मायूसी हाथ लगी है।

 

चीनी मिल चंदनपुर जल्द ही अपना पेराई सत्र शुरू करने जा रही है। किसानों से अपील है कि अपना गन्ना सस्ते दामों में इधर-उधर न बेचें। चीनी मिल को ही गन्ने की आपूर्ति करके अपने बेसिक कोटा को बनाए रखें।

- आमोद कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष शुगर त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर।


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