यूपी स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फैसला: 5 महीने बाद डॉक्टरों को मिलेगा वेतन, पर पदोन्नति और इंक्रीमेंट पर लगा ब्रेक
अमरोहा में मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति का ब्यौरा न देने वाले 15 स्वास्थ्यकर्मियों को पांच महीने बाद वेतन भुगतान ...और पढ़ें

अमरोहा सीएमओ ऑफिस
HighLights
ऑनलाइन ब्यौरा नहीं देने पर पांच माह से वेतन पर लगी थी रोक, अब शासन ने वेतन भुगतान के दिए निर्देश
जागरण संवाददाता, अमरोहा। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों समेत 15 कर्मियों को सरकारी नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ गया। चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा मानव संपदा पोर्टल पर आनलाइन न करने पर उनके वेतन आहरण पर पांच माह से रोक लगा दी थी। अब शासन ने उनके वेतन का भुगतान करने के निर्देश दिए है। लेकिन चिकित्सकों व कर्मियों के वेतन वृद्धि, प्रमोशन और बाहर पीजी करने पर रोक लगा दी है।
दरअसल, शासन ने सभी चिकित्सकों व कर्मियों से 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा मानव संपदा पोर्टल पर आनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्धारित तिथि तक अधिकांश चिकित्सकों व कर्मियों ने ब्यौरा नहीं दिया था।
इसमें शासन न मानव संपदा पोर्टल पर आनलाइन चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा देने की तिथि बढ़ाकर दस मार्च कर दी थी। लेकिन इसके बावजूद भी छह चिकित्सकों समेत करीब 15 कर्मियों ने आनलाइन अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया था। लापरवाही पर तत्कालीन सीएमओ ने उनके वेतन
आहरण पर रोक लगा दी थी थी। करीब पांच माह से चिकित्सक व अन्य कर्मी बिना वेतन के ही काम कर रहे हैं। अब शासन ने सीएमओ डाॅ. रमाकांत सागर को चिकित्सकों समेत सभी कर्मियों का पांच माह के वेतन का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन उनके वेतन वृद्धि, प्रमोशन तथा बाहर पीजी करने पर रोक लगा दी है। जिससे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है।
निलंबन के बाद भी गुजारा भत्ते का हक
चल-अचल संपत्ति का मानव संपदा पर आनलाइन ब्यौरा देने पर वेतन आहरण रोक को चिकत्सकों व बाबूओं ने गलत ठहराया है। उनका आरोप है कि किसी भी विभाग के अधिकारी व कर्मी के खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई नहीं हुई।
एक माह बाद ही उनके वेतन का भुगतान कर दिया गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा न देने वाले चिकित्सकों व कर्मियों का पांच माह तक वेतन नहीं दिया। यह गलत है, क्योंकि निलंबन के बाद भी संबंधित को गजारा भत्ते के रूप में आधा वेतन मिलता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में कर्मियों को गुजारा भक्ता भी नहीं दिया गया है।
चल अचल संपत्ति का मानव संपदा पोर्टल पर आनलाइन ब्यौरा नहीं देने पर चिकित्सकों समेत करीब 15 कर्मियों के वेतन आहरण पर रोक लगी थी। जिसमें रोक लगे पांच माह हो गए है। अब शासन ने उनके पांच माह के भुगतान के निर्देश दिए है। साथ ही लापरवाही पर उनके उनके वेतन वृद्धि, प्रमोशन व बाहर पीजी करने पर रोक लगा दी है।
- डाॅ. रमाकांत सागर, सीएमओ
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