विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अमरोहा में बाढ़ प्रभावित किसानों को मिला 4.71 करोड़ का मुआवजा, सीधे बैंक खाते में भेजी गई धनराशि

Published: Sun, 25 Oct 2026 06:40 PM (IST)

अमरोहा में बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों के लिए किसानों को मुआवजा मिलना शुरू हो गया है। जनपद के 6,571 ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. अमरोहा के 6,571 किसानों को मिला 4.71 करोड़ मुआवजा।

  2. बाढ़ से बर्बाद फसलों के लिए सीधे बैंक खातों में राशि।

  3. शासन से 9.50 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि प्राप्त हुई।

जागरण संवाददाता, अमरोहा। बाढ़ की वजह से हसनपुर व मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र में बर्बाद हुई फसल का किसानों को मुआवजा मिलने लगा है। जनपद के 6,571 किसानों को 4.71 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। जबकि, शासन से आपदा राहत विभाग को 9.50 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि प्राप्त हो गई है।

अन्य किसानों को भी मुआवजा की धनराशि देने के लिए कार्रवाई चल रही है। उनके बैंक अकाउंट नंबर, आधारकार्ड आदि को फीड किया जा रहा है। इसके बाद ही उनके बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर की जाएगी।

कुछ दिन पहले प्रशासन ने बाढ़ की वजह से हसनपुर व धनौरा तहसील क्षेत्र में खराब हुई किसानों की फसलों का सर्वे कराया था। दोनों तहसीलों के 21 हजार किसान सर्वे में चयनित हुए थे, उनकी फसलें खराब हो गई थी।

इसके बाद आपदा राहत विभाग ने शासन को पत्र भेजकर करीब 9.50 करोड़ रुपये की धनराशि की मांग की थी। यह धनराशि विभाग को प्राप्त हो चुकी है। जिसके बाद उसने धनौरा तहसील क्षेत्र के 2,948 और हसनपुर 3,500 किसानों को फसल के मुआवजे के रूप में 4.71 करोड़ रुपये की राशि भेज दी है।

जिला आपदा विशेषज्ञ पीके शुक्ला ने बताया कि दोनों तहसीलों में कुल 6,571 किसानों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है। बाढ़ प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 17 हजार रुपये की दर से आर्थिक सहायता दी जा रही है।

80 किसानों की राहत अटकी

बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा की राशि दी जा रही है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। इस बीच करीब 80 किसानों के मोबाइल नंबर नहीं मिल पा रहे हैं। खातों में भी समस्या आ रही है। जिसकी वजह से उनको राहत नहीं पहुंच पा रही है। इसमें ऐसे किसान भी शामिल हैं, जो जिले से बाहर रहते हैं। उनसे संपर्क के प्रयास किए जा रहे हैं। बैंक विवरण मिलने के बाद भुगतान की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

यह भी पढ़ें- UP: बलरामपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संसाधनों की कमी से मरीजों की बढ़ी परेशानी