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फर्जी डिग्री पर चल रहे थे अस्पताल! अमरोहा में 3 झोलाछाप पकड़े गए तो मुरादाबाद से लखनऊ तक मचा हड़कंप

Published: Wed, 26 Aug 2026 04:08 PM (GMT+05:30)

अमरोहा में तीन फर्जी बीएएमएस और बीयूएमएस चिकित्सक पकड़े गए, जिनके पास कुरुक्षेत्र के श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज की ...और पढ़ें

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HighLights

  1. अमरोहा में तीन फर्जी बीएएमएस व बीयूएमएस पकड़ में आने के बाद चिकित्सकों में खलबली

जागरण संवाददाता, अमरोहा। जिले में यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सक ही नहीं, बल्कि पिछले वर्ष तीन एमबीबीएस मुन्ना भाई भी पकड़ में आए थे। इनके पास एमबीबीएस संग रेडियोलाजिस्ट व स्त्री रोग विशेषज्ञ की फर्जी डिग्री थी। अल्ट्रासाउंड संचालकों ने आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए इनकी डिग्री लगाकर आवेदन किया था। जिसका इंडियन मेडिकल काउंसलिंग की जांच में पर्दाफाश हुआ था। तत्कालीन सीएमओ ने उनका आवेदन निरस्त किया था।

बीएएमएस व बीयूएमएस डिग्री धारकों को अपनी क्लीनिक व हास्पिटल चलाने से पूर्व यूनानी व आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति लखनऊ में अपना रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। इसके बाद क्षेत्रीय कार्यालय मुरादाबाद में अपने नाम से क्लीनिक व हास्पिटल चलाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है।

इसके बाद ही वह अपना क्लीीनिक व हास्पिटल चला सकता है। लेकिन अमरोहा जिले में गली-मुहल्लों में आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सकों ने अपने क्लीनिक व हास्पिटल खोल रखे हैं। लेकिन कुछ चिकित्सक फर्जी है। जिन्हें अपने क्लीनिकों के गेट व बोर्ड पर बीएएमएस, बीयूएमएस की डिग्री लिख रही है।

अमरोहा नगर में मुहल्ला अहमदनगर वारी सराय निवासी व क्षेत्रीय सभासद देवेंद्र कुमार, हसनपुर के मुहल्ला कनैटा रोड वार्ड-14 के निवासी मुन्तजिम तथा सैदनगली निवासी सत्यपाल सिंह तीन फर्जी बीएएमएस व बीयूएमएस चिकित्सकों का पकड़ा जाना इस बात की गवाही दे रहा है।

सभासद देवेंद्र कुमार मेडिकल स्टोर के भी संचालक है। आरोप है कि तीनों के पास हरियाणा राज्य के कुरुक्षेत्र स्थित श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं हास्पिटल की फर्जी डिग्री से आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति लखनऊ में रजिस्ट्रेशन कराया है।

लखनऊ की जांच में फर्जी पाए जाने पर क्षेत्रीय कार्यालय मुरादाबाद में भी खलबली मची हुई है। जिसमें क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी डाॅ. अमरदीप सिंह को भी भनक नहीं लगी थी। उनका कहना है कि कि इनके खिलाफ कार्रवाई लखनऊ स्तर से ही प्रस्तावित है।

इसमें खास बात यह है कि जनपद में आयुर्वेदिक व यूनानी ही नहीं, बल्कि पिछले साल तीन एमबीबीएस मुन्नाभाई भी पकड़े गए थे। इनमें एक बिजनौर, दो गाजियाबाद के शामिल थे। इनके पास फर्जी एमबीबीएस संग रेडियोजािस्ट व स्त्रीरोग विशेषज्ञ की फर्जी डिग्री। धनौरा में अस्ल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक ने महिला चिकत्सक की फर्जी डिग्री लगाकर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था।

जबकि दो तहसील हसनपुर स्थित ढक्का मोड़ पर दो संचालकों ने अपना अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाने के लिए बिजनौर व गाजियाबाद के फर्जी चिकित्सक की डिग्री लगाकर आवेदन किया था, लेकिन तत्कालीन सीएमओ को भनक लगने पर लखनऊ में एमआईसी से जांच कराई थी। जिसमें फर्जी निकले थे। लेकिन उनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं करके आवेदन निरस्त कर दिए थे।

 

अमरोहा के तीनों फर्जी बीएएमएस व बीयूएमएस चिकित्सकों का रजिस्ट्रेशन नहीं था। लखनऊ कार्यालय में भी उन्हें आयुर्वेदिक व यूनानी पद्धति में रजिस्ट्रेशन करा रखा था। लखनऊ स्तर से ही उनके ऊपर कार्रवाई होनी प्रस्तावित है।

- डाॅ. अमरदीप सिंह, आयुर्वेदिक एवं यूनानी क्षेत्रीय कार्यालय मुरादाबाद


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