रास्ते में गिरा गहनों से भरा बैग, दवाई बेचने वाले ने पेश की मिसाल, ईमानदारी से महिला को लौटाया
अमरोहा के हसनपुर में एक दवा विक्रेता रियाजुद्दीन अल्वी ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। उन्होंने रास्ते में मिले ...और पढ़ें

HighLights
दवा विक्रेता रियाजुद्दीन अल्वी ने लौटाया गहनों से भरा बैग।
डेढ़ लाख से अधिक कीमत के आभूषण और नकदी सुरक्षित मिली।
श्रम कार्ड की मदद से मालिक कलीम अहमद को संपर्क किया।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। हसनपुर तहसील क्षेत्र के दवा विक्रेता ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। रविवार शाम रहरा थाना क्षेत्र के गांव शंकरगढ़ी निवासी कलीम अहमद अपनी पत्नी कहकशा के साथ बाइक पर सवार होकर अपनी ससुराल आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव ढवारसी जा रहे थे।
पति-पत्नी के साथ बीच में बाइक पर सात वर्ष की मासूम बेटी लीवा और पत्नी की गोद में छोटा बेटा था। रास्ते में सुल्तानपुर भीमा गांव में कीचड़ और जलभराव हुआ था। बैग में पत्नी के सोने के झाले, दो अंगूठी और चांदी की पायल तथा तीन की नकदी और जरूरी कागज रखे हुए थे। बैग को उन्होंने बीच में बैठी बेटी के हाथ में पकड़ने को दे रखा था।
सफर में ठंडी हवा लगने पर मासूम बेटी को नींद आ गई तथा कीचड़ और जल भराव से बाइक के गुजरते समय करीब शाम 6:30 बजे बैग छूटकर पानी में गिर गया। बाइक सवार दंपती को बैग गिरने की जानकारी नहीं हुई।
इसी दौरान पीछे से कार में सवार रहरा थाना क्षेत्र के गांव सिरसा कला निवासी दवा विक्रेता रियाजुद्दीन अल्वी गुजरे तो उन्हें पानी में बाग पड़ा दिखाई दिया। उन्होंने गाड़ी रोककर बैग उठा लिया तथा खोलकर देखा तो उसमें सोने चांदी के आभूषण और नकदी रखी हुई थी। महंगाई के इस दौर में आभूषण की कीमत डेढ़ लाख से अधिक थी।
उन्होंने तुरंत बैग दिखाते हुए अपनी वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करते हुए घटना की जानकारी साझा की। इसके बाद बैग में रखे श्रम कार्ड होने पर मोबाइल से काल करके कलीम अहमद को अवगत कराया।
उधर, कलीम और उनकी पत्नी बैग को रास्ते में ढूंढते हुए भटक रहे थे। सोमवार सुबह रहरा पहुंचकर कहकशा ने अपना बैग और सामान सुरक्षित मिलने पर दवा विक्रेता का शुक्रिया अदा किया।
