अमरोहा, जेएनएन। सोमवार देर शाम तक 30 सितंबर तक 230 से अधिक ट्रेन रद करने की सूचना जोर पकड़ चुकी थी। सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरने वाली इस खबर तथा सूचना को रेलवे ने इसके बाद फर्जी बताया। इस बाबत रेल मंत्रालय ने फिर एक ट्वीट भी जारी किया। 

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण देश में 22 मार्च से यात्री ट्रेनें रद हैं। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद सिर्फ 100 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं। रेल गाडिय़ों का परिचालन सामान्य नहीं होने से यात्री परेशान हैं। इसी बीच सोमवार को देश भर की नियमित ट्रेनें 30 सितंबर तक नहीं चलेंगी की सूचना ने खलबली मचा दी। रात में रेलवे ने इस खबर को गलत बताया। ट्रेन रद करने संबंधी रेल मंत्रालय का फर्जी आदेश सोमवार को सोशल मीडिया में वायरल हुआ। 12 अगस्त के बाद 90 और स्पेशल ट्रेनों को चलाने की योजना थी।

इनमें हावड़ा-इंदौर शिप्रा एक्सप्रेस, सियालदह-अमृतसर जालियांवाला बाग एक्सप्रेस समेत देशभर के कई रूटों की ट्रेनें शामिल थी। पर रेलवे बोर्ड ने इन ट्रेनों को चलाने पर मंजूरी की मुहर नहीं लगाई। रेलवे का मानना है यात्रियों की संख्या कम होने की वजह से मौजूदा ट्रेनें ही पर्याप्त हैं। पर ट्रेनों की संख्या पहले की तुलना में काफी कम होने की वजह से स्पेशल ट्रेनों में अब कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो गया है। 

इससे पहले यहां पर सोशल मीडिया पर खबर उड़ी थी कि रेलवे बोर्ड ने कोरोना प्रकोप के चलते एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के रद की तिथि 12 अगस्त से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। स्पेशल ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा। कोरोना महामारी के चलते मार्च माह में रेलवे बोर्ड ने नियमित चलने वाली पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों को 12 अगस्त तक रद किया था। रेलवे बोर्ड ने कोरोना के प्रकोप को देखते हुए नियमित ट्रेनों के रदीकरण की तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया है। स्टेशन अधीक्षक सरदार सिंह ने बताया नियमित ट्रेनों के संचालन पर 30 सितंबर तक रोक है।

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