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यूपी में फार्मर आईडी के आधार पर किसानों को दी जाएगी डीएपी और यूरिया, एक जून से लागू होगा नया नियम

Published: Sat, 11 Apr 2026 03:06 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में 1 जून से किसानों को उर्वरक (डीएपी, यूरिया) केवल फार्मर आईडी के आधार पर मिलेगी। सरकार ने ...और पढ़ें

फार्मर आईडी के आधार पर किसानों को दी जाएगी डीएपी और यूरिया।

फार्मर आईडी के आधार पर किसानों को दी जाएगी डीएपी और यूरिया।

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संवाद सूत्र, तिलोई (अमेठी)। किसान की फार्मर आईडी के आधार पर ही उर्वरक उपलब्ध होगी। सरकार द्वारा किसानों को उनकी भूमि की जोत के अनुसार निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में यह व्यवस्था एक जून से सख्ती के साथ लागू करने की योजना है। जिसकी तैयारी की जा चुकी है। किसानों को उर्वरक की मात्रा के लिए वर्तमान मानक इस प्रकार तय किए गए हैं।

किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम सात बोरी यूरिया का मानक रखा गया है। वहीं डीएपी प्रति हेक्टेयर अधिकतम पांच बोरी का मानक निर्धारित है। जब किसान खाद खरीदने जाएंगे, तो ई-पास मशीन में फार्मर आईडी डालते ही किसान द्वारा पहले खरीदी गई खाद का पूरा विवरण आ जाएगा, जिससे कालाबाजारी पर रोक लगेगी।

अब बिना आधार कार्ड, खतौनी और किसान आईडी के उर्वरक मिलना मुश्किल हो जाएगा। यही नहीं सब्सिडी का लाभ भी पीएम किसान की किश्तें और उर्वरक पर मिलने वाली अन्य सरकारी सब्सिडी भी फार्मर आईडी के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।

किसानों के लिए फार्मर आईडी होगी जरूरी

किसानों को फार्मर आईडी बनवाना जरूरी हो गया है। अब बिना फार्मर आईडी किसानों को कोई सुविधा जैसे उर्वरक, बीज, पीएम किसान, उपज की क्रय केंद्रों पर बिक्री, फ्री बोरिंग के अलावा उद्यान विभाग से मिलने वाली सेवाएं शामिल हैं। फार्मर रजिस्ट्री से वंचित किसान किसी भी जन सुविधा केंद्र पर आधार कार्ड और जोत से संबंधित अभिलेख के साथ पहुंचकर फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं।

अब फार्मर रजिस्ट्री से वंचित किसान कृषि विभाग ही नहीं कृषि से संबंधित किसी भी योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे। जिन किसानों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है वे जितना जल्द संभव हो फार्मर रजिस्ट्री करा लें। फार्मर रजिस्ट्री से वंचित किसानों के लिए आने वाले दिन समस्या वाले होंगे। उर्वरक, पीएम किसान, सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बिक्री सहित कृषि से संबंधित बहुत सी योजनाओं के लाभ से किसान वंचित हो जाएंगे। -सत्येंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक।