विनय तिवारी, अमेठी

ग्रामीण स्तर पर युवाओं को खेलने के लिए भेजी गई खेल सामग्री का कहीं अता पता नहीं है। युवाओं की भावनाओं के साथ खुलेआम धोखा किया जा रहा है। विभागीय लोगों का कहना है कि योजना बंद हो गई है। लेकिन, सामान कहां है। इस पर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

विकास खंड के लगभग प्रत्येक ग्राम सभा मे पायका योजना के तहत वर्ष 2009 में खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। जिसमें गोलवेट, लिफ्टिग, बॉलीबॉल, फुटबाल, बैट,गेंद आदि भेजी गई थी। जिससे कि गांव के गरीब बच्चों को लाभ मिल सके। जिनके पास खेलने के लिए सामान खरीदने के लिए धन नहीं है। भेजी गई खेल सामग्री की कीमत पचास हजार के करीब बताई जाती है। लेकिन, अब इस सामग्री का कहीं अता पता नहीं है। युवाओं की शिकायत पर विभाग ने कोई सुनवाई नहीं की। जिससे खेल में आगे बढ़ने की चाहत रखने वाले युवाओं की उम्मीद पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

खेल अधिकारी को दी गई थी जिम्मेदारी :

पायका योजना में दी गई खेल सामग्री की देखभाल की जिम्मेदारी ब्लाक क्रीड़ा अधिकारी को दी गई थी। ब्लॉक में उचित स्थान न होने से सामग्री को ग्राम प्रधान के यहां रखवाया गया था। युवा व महिला मंगल दल खेल योजना के तहत खेल सामग्री दी गई थी।

इनकी सुनिए :

जिला युवा कल्याण अधिकारी राजेश वर्मा ने बताया कि पायका योजना 2014 में बंद हो गई है। अब मंगलदल योजना के तहत हर ग्राम सभा में दस हजार की खेल सामग्री दिलाई गई है। जिसमें नेट, वालीबॉल आदि खेल सामान है। जबकि कुछ ग्राम सभा में खेल मैदान बन गए हैं। वहां भी नेट आदि भेजवाया गया है। जल्द ही ब्लाक के क्रीड़ा अधिकारी से बात करके योजना का सत्यापन करवाया जाएगा। न्याय पंचायत स्तरीय खेल के मैदानों की सूची मंजूर :

बाजारशुकुल प्रतिनिधि के अनुसार परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शारीरिक वृद्धि के उद्देश्य से प्रति वर्ष होने वाले न्याय पंचायत स्तरीय खेलकूद के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खेल मैदान की सूची को अंतिम रूप देते हुए अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। व्यायाम शिक्षक सत्येंद्र तिवारी की देखरेख व खंड शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र शुक्ल के नेतृत्व में होने वाले इस खेलकूद की तैयारी शिक्षकों व छात्रों ने शुरू कर दी है। नौ न्याय पंचायतों वाले विकास खंड की मवैया रहमतगढ़ के पूरे शुकुलन,पाली के संविलित विद्यालय नेवाजगढ़, दक्खिनगांव के प्राथमिक विद्यालय दक्खिनगांव, महोना पश्चिम के पूरे बहबल, बाहरपुर के पारा, बरसंडा के रसूलपुर, ऊंचगांव के कंपोजिट सेवरा, किसनी के मरदानपुर व सत्थिन के मड़वा स्कूल परिसर को इस खेलकूद के लिए चुना गया है। इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के प्रबंधन में विभाग द्वारा निर्धारित तिथि पर यह खेलकूद कराया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि खेलकूद से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। खेल का बाल्यकाल में बड़ा महत्व होता है।

Edited By: Jagran