अमेठी, जेएनएन। केंद्रीय बाल एवं महिला कल्याण व कपड़ा मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी आज अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी में प्रवास के दूसरे दिन विकास कार्य की समीक्षा की। वह विकास कार्य की समीक्षा करने कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां पर इंतजार कर रहे लोगों की उन्होंने समस्या सुनने के बाद निराकरण का भरोसा दिलाया।

कलेक्ट्रेट परिसर में बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि मेरे लिए आज गर्व का क्षण है। यहां पर अन्नप्राशन तथा गोद भराई की रस्म का पारिवारिक कार्यक्रम है। यह मेरा सौभाग्य है कि अपने परिवार के बीच मैं इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है।

देश का पहला डिजिटल जिला होगा अमेठी

कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में लेखपालों को लैपटॉप वितरित करते हुए जिले को देश का पहला डिजिटल जिला बनाने की बात कही। उन्होंने मंच से पांच लेखपालों को लैपटॉप वितरित किए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया के तहत प्रदेश सरकार की ओर से लेखपालों को लैपटॉप इसलिए दिया जा रहा है ताकि हम डिजिटल सेवाएं अपने नागरिकों तक पहुंचा सकें। उन्होंने लेखपालों की डिजिटल ट्रेनिंग कराने के निर्देश देते हुए कहा कि लेखपाल, पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करें। हमारी सरकार 24 घंटे जनता की सेवा के लिए समर्पित है।

स्मृति जुबिन ईरानी आज के कार्यक्रम के मुताबिक निर्धारित 10:30 बजे कलेक्ट्रेट पहुंची। आज यहां के सभागार में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी जिले के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक के बाद 12:00 बजे कलेक्ट्रेट में ही दिव्यांगों को ट्राई साइकिल वितरित करेंगी। यहां पर कार्यक्रम के बाद स्मृति ईरानी प्रतापगढ़ जिले के निवासी और अमेठी लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी केके सिंह के घर जाएंगी। इसके बाद वहां से सलोन विधायक दल बहादुर कोरी के घर पदमपुर बिजौली पहुंचेगी। सलोन से निकल स्मृति ईरानी रायबरेली जिला मुख्यालय पहुंचेंगी और यहां कलेक्ट्रेट में सलोन विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर जिले के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी।

महिलाओं व बच्चों के नाम स्मृति का एक दिन

बतौर सांसद अमेठी के दो दिनी दौरे पर आईं स्मृति ईरानी ने आज का दिन महिलाओं व बच्चों के नाम आरक्षित रखा है। वह महिला व बच्चों को आज अपने मंत्रालय से जुड़ी योजना से भी अवगत कराएंगी। जिससे अधिक लोगों को लाभ मिल सके। इसके अलावा उनसे बंधी उम्मीदों की मजबूत डोर को और मजबूत करने का प्रयास करेंगी। स्मृति की पांच वर्ष की मेहनत का नतीजा रहा कि अमेठी की जनता ने जीत का ताज उनके सिर सजाया। इस ताज के साथ ही अवाम ने उनके सिर पर उम्मीदों की गठरी भी लाद दी है। स्मृति को उन सारी उम्मीदों पर खरा उतरना होगा, जिसके पूरा न होने पर अमेठी ने गांधी-नेहरू परिवार के राहुल गांधी को नकारा है।

नरेंद्र मोदी सरकार-1 में स्मृति ईरानी के पास वस्त्र मंत्रालय ही था, लेकिन इस बार उन्हें वस्त्र के साथ ही महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भी दिया गया है। यह ऐसा मंत्रालय है जो सीधे जनता से जुड़ा हुआ है। आंकड़ों पर गौर करें तो अमेठी जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि स्मृति अपनी पहली बैठक में ही अपने मंत्रालय को लेकर खास निर्देश जिम्मेदारों को देंगी। बैठक को लेकर अधिकारी भी दबाव में हैं। कई दिन पहले से ही फाइलें दुरुस्त करने का काम शुरू हो गया है।

महिलाओं पर भी फोकस

स्मृति ईरानी ने कल बरौलिया में काफी संख्या में महिलाएं मिलने पहुंची थी। उनके चुनाव प्रचार में भी महिलाओं की ठीक ठाक संख्या रहती थी। उनके सांसद बनने के बाद क्षेत्र की महिलाएं भी आशांवित हैं। जिले में महिलाओं के रोजगार, कौशल विकास व सुरक्षा के साथ ही उनके पोषण की दिशा में चल रही योजनाओं पर उनका पूरा फोकस होगा।

अमेठी को करोड़ों की सौगात

स्मृति ईरानी ने कल अमेठी को करोड़ों की विकास योजनाओं की सौगात दी। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ उन्होंने कल 30.27 करोड़ की लागत से 61 सड़कों का लोकार्पण तथा सड़क का शिलान्यास किया। उन्होंने 2,117 गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की चाबियां सौंपी व 2,302 गरीब परिवारों को आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड वितरित किया।

अमेठी में ही घर बनाकर रहूंगी

अमेठी में जीत के बाद स्मृति ईरानी के हौसले बेहद बुलंद हैं हो भी क्यों ना स्मृति ईरानी में 2014 में यहां से हार के बावजूद अमेठी में अपना संघर्ष जारी रखा वो लोगों के सुख दुख में आती रहीं। जमीन पर जनता से जुड़ीं और खुद को अमेठी से ऐसा जोड़ा कि राहुल गांधी को अमेठी से दूर कर दिया। अब स्मृति ईरानी राहुल गांधी की हर उस कमजोर नब्ज पर करारा वार कर रही हैं जिससे कांग्रेस को अमेठी में हार का दर्द और ज्यादा गहरा हो सके। राहुल गांधी पर वार करते हुए ईरानी ने अमेठी में एक और दांव चल दिया। ईरानी ने कहा कि पहले पांच वर्ष तक सांसद को खोजना पड़ता था अब ऐसा नहीं होगा। कल बड़ा ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि गौरीगंज में जमीन चिन्हित कर ली गई है और वो यही घर बनवाकर रहेंगी। इस ऐलान के बाद जनता ने भी जोरदार तालियों के साथ उनका इस्तकबाल किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब वह अमेठी की मतदाता भी बनेंगी। 

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Posted By: Dharmendra Pandey