छोटे किसानों को मनरेगा योजना के जरिए बढ़ी सौगात मिलेगी।

दिलीप सिंह, अमेठी

जिले के अनुसूचित जाति, पट्टा धारक, महिला एवं विकलांग और लघु एवं सीमांत श्रेणी के किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब मनरेगा योजना के तहत लेमनग्रास, पान एवं गुलाब की खेती छोटे किसान भी कर सकेंगे। इसकी खेती में न सिर्फ किसानों को उनकी मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। बल्कि पौध, वर्मी कंपोस्ट से लेकर कृषि रसायन भी दिए जाएंगे। खेती-किसानी की यह योजना उद्यान विभाग की देखरेख में चलेगी।

किसान के पास जाबकार्ड होना अनिवार्य : योजना से लाभान्वित होने के लिए किसान के पास अपना जॉब कार्ड होना अनिवार्य है। शासन ने निजी खेत पर काम करने वाले किसानों को भी अब मनरेगा योजना के दायरे में रखा गया है। इस योजना के तहत लेमनग्रास, गुलाब, पान आदि की खेती करने वाले कृषकों को लाभ दिया जाएगा।

ऐसे मिलेगी आर्थिक मदद : गुलाब की खेती करने वाले कृषकों को 1,66,530 रुपये प्रति हेक्टेयर, पान की खेती करने वाले कृषक को 1000 वर्ग मीटर के बरेजा निर्माण पर 2,34,948 रुपये व लेमन ग्रास की खेती करने वाले किसान को प्रति हेक्टेयर 1,75,525 रुपये तक की मदद दी जाएगी। इसमें श्रमिक की मजदूरी, पौध की लागत, खाद एवं कृषि रसायन की धनराशि भी शामिल होगी।

छोटे किसानों को सीधे मिलेगा लाभ, बढ़ेगी आय : डीएम अरुण कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से यह नई पहल की है। उद्यान विभाग के माध्यम से खेती किसानी की इस योजना का संचालन होगा। मनरेगा के तहत किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए किसान के पास जाब कार्ड होना आवश्यक है। अपनी निजी भूमि पर खेती करने वाले किसानों को भी योजना का पूरा लाभ मिलेगा।

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