अभिषेक मालवीय, अमेठी : जिले के सबसे पुराने व ऐतिहासिक नगर जायस से गुजरने वाले नेशनल हाईवे की दशा सुधारने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 12.77 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए है। इससे सड़क के साथ दोनों किनारों पर आरसीसी पक्की नाली का निर्माण किया जाएगा। कार्यदायी संस्था नामित होने के साथ काम भी शुरू कर दिया गया है। समय सीमा बीतने के डेढ़ माह बाद एनएचआइ के तरफ से अनुमोदन मिला है।

यह राजमार्ग 289 किमी लंबा है। मार्ग पर अमेठी, रायबरेली, सुलतानपुर, फतेहपुर, बांदा व आंबेडकर नगर से टांडा को सीधे जोड़ती है। मार्ग के निर्माण में 1376.29 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च हुई है। जायस नगर इसी मार्ग पर बसा है। नगर से गुजरने वाले तीन किमी सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे। यही नहीं राजमार्ग पर धूल व बिखरी गिट्टी से राहगीरों को परेशानियां हो रही थीं। इसको लेकर व्यापारियों ने दुकान बंद कर प्रदर्शन भी किया था। इस पर प्रशासन ने बीस दिन का समय लिया था, लेकिन डेढ़ माह बाद अनुमोदन मिला।

गुणवत्ता के साथ होगा निर्माण

एनएचएआई द्वारा सड़क निर्माण को गुणवत्ता के साथ कराने का आदेश दिया है। इसके लिए सड़क चौड़ीकरण के साथ सड़क के दोनों किनारों पर आरसीसी पक्की नाली का निर्माण कराया जाएगा। हाईवे को ऊंचा किया जाएगा। मुख्यालय की सड़कें भी होंगी दुरुस्त

गौरीगंज मुख्यालय पर भी पीएनबी बैंक के पास राजमार्ग पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो गया है। राजमार्ग के किनारे नाली निर्माण न होने से जलभराव के चलते सड़क पूरी तरह से खराब हो चुकी है। इसी मद से इसे भी दुरुस्त कराया जाएगा। अनुमोदन न मिलने से हुआ था निर्माण में देरी

एनएचएआइ के परियोजना प्रबंधक अब्दुल वासित ने बताया कि राजमार्ग के साथ नाली निर्माण का अनुमोदन मुख्यालय से देरी में हुआ, जिसके चलते कार्य शुरू नहीं हो सका था। मंजूरी मिल गई है। कार्यदायी संस्था एचएस बिल्डर्स को मानक के अनुसार कार्य कराने का निर्देश दिया गया है।

Posted By: Jagran