अमेठी : तीन दिनों से हो रही बरसात से जहां एक ओर किसानों के सब्जी की खेती जलभराव से चौपट हो गई है। वहीं, आवागमन भी बाधित है। शिकायत के बावजूद भी जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है।

क्षेत्र के रूदौली, पूरे मलिक, धरौली, नयाकोट, पूरे बस्ती, मानामदनपुर आदि गांवों में जलनिकासी की समस्या विकराल होती जा रही है। ग्रामीण रामकृष्ण, भरत कुमार, मुश्ताक अहमद, रामसेवक, महेश कुमार, तिलकराज आदि ने बताया कि गांव की गलियों में जलभराव व कीचड़ होने से आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। रास्ते से गुजरने में जरा सी चूक होने पर कीचड़ में गिरना तय है। ऐसे में कई बार लोगों को वस्त्र बदलने पड़ रहे हैं। चोट लगने की भी आशंका बनी रहती है।

लगातार हो रही बारिस, सड़कें बनी तालाब जिले में लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहाना हो गया है। लोगों को गर्मी से राहत मिली है। सड़कों पर जलभराव की स्थिति है, वहीं खेतों में पानी भरने से उड़द, मेंथा व सब्जी की फसलें खराब हो रही है। किसान अधपकी फसलों को खेतों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे हैं। अगले 24 घंटे ऐसे ही मौसम रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

शनिवार को सुबह से ही आसमान में बादल छा गए। उमड़ते-घुमड़ते बादलों के बीच बारिश शुरू हो गई। दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। इससे पहले शुक्रवार को भी दिनभर बरसात होती रही। कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिस से ग्रामीण इलाकों में जल जमाव की स्थिति बनी रही। बरसात में सबसे खराब हालत सड़कों की दिखी। कई मुख्य मार्गों पर जलभराव होने से सड़कें तालाब की तरह नजर आई। लगातार कई दिनों से हो रही बरसात से शिवरतनगंज चौराहे पर लबालब पानी भर गया। इससे कस्बावासियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं व्यापारियों का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा यह बारिस किसानों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो रही है। जिन किसानों ने उरद, मेंथा और सब्जी की खेती कर रखी है,उनकी फसल खराब हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून सक्रिय होने से अगले कई दिनों तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है। जिले में छह किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चली। जबकि अधिकतम तापमान 27 व न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहा। आगामी 24 घंटे आंशिक रूप से घने बादल छाए रहने की संभावना के साथ ही मध्यम से भारी वर्षा की आशंका भी जताई जा रही है।

- बढ़ा मच्छरों का प्रकोप लगातार हो रही बरसात से गांवों में जल जमाव की स्थिति है। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीण इलाकों में साफ सफाई और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव न होने और जगह जगह जल जमाव होने से मच्छर पैदा हो रहे हैं। ऐसे में मच्छरजनित बीमारियां भी गांवों में बढ़ने की आशंका है।

Edited By: Jagran