अमेठी : मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रत्याशी विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देते है। खासकर मतदाताओं में शराब बांटने का प्रचलन आम हो गया है। कई बार अवैध शराब के सेवन से ग्रामीणों की जान जोखिम में भी पड़ जाती है। इसी को रोकने के लिए आबकारी महकमा ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है, तो ग्रामीणों को अवैध शराब के पीने से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी भी दी जा रही है। शराब के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा आबकारी महकमा।

धीरे-धीरे चुनावी का रंग चटक हो रहा है। प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे है। अपनी पैठ मजबूत करने के लिए मतदाताओं में अवैध शराब वितरित करने की भी सूचना है। ऐसे में ग्रामीणों को प्रत्याशियों द्वारा दी जाने वाली शराब के सेवन से रोका जा रहा है। ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही विभागीय टोल फ्री नंबर बताया जा रहा है। विभागीय लोगों की मानें तो अवैध शराब को नशीला बनाने में मेथाइल, यूरिया, आक्सीटोसिन इंजेक्शन, नाइट्राबेट का प्रयोग किया जाता है जो शरीर के लिए खतरनाक होते हैं। इसी को लेकर जिले में कच्ची शराब बनाने के लिए चिन्हित 58 गांवों में लगातार छापेमारी की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी आरके वर्मा की माने तो चुनाव में अवैध शराब के वितरण पर रोक लगाने के लिए टीम सक्रिय है। शराब के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा आबकारी महकमा। आचार संहिता लागू होने के बाद जिले में 20 गांवों में छापेमारी की गई है। कई लोगों पर अभियोग भी पंजीकृत हुआ है।

Edited By: Jagran