अमेठी : साढे़ चार हजार से अधिक घर बरसात के चलते क्षतिग्रस्त हो गए। 79 मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं और बाढ़ की आपदा में 20 महिला, पुरुष व बच्चों के साथ 29 मवेशियों की जान जा चुकी है। लगातार हुई बरसात के बाद खिली तेज धूप ने किसानों के खेतों में बरसात के पानी के बीच किसी तरह जी रही दलहनी फसलों को बर्बाद करना शुरू कर दिया है। अन्नदाता की उम्मीदें खेतों में ही दम तोड़ने लगी हैं। नालों में जगह-जगह पुराने बांध लगे होने से पानी अब भी नहीं निकल पा रहा है। गोमती नदी का बढ़ा जलस्तर भी परेशानी का शबब बना हुआ है।

बरसात से हुई तबाही पर एक नजर

मनुष्यों की गई जान : 20

पशु हुए शिकार : 29

क्षतिग्रस्त हुए मकान : 4,665

जमींदोज हुए मकान : 79

दी गई मदद : 1,965

अभी दी जानी है : 2,700

वितरित आर्थिक मदद : 1 करोड़ 19 लाख

शासन से मांगी गई मदद : 1 करोड़ 25 लाख

नोट- पशुओं की यह वह संख्या है। जिनमें आर्थिक मदद दी गई है।

पिछले 15 दिन में गिरे मकान

तहसील मकान

मुसाफिरखाना 1,255

तिलोई 509

अमेठी 325

गौरीगंज 215

-तिलोई, मुसाफिरखाना में हुई अधिक हानि

बरसात की पीड़ा जिले में सबसे अधिक मुसाफिरखाना व तिलोई तहसील में रहने वालों को झेलनी पड़ी। दोनों ही तहसीलों में बरसात से गिरे मकान व दीवार के मलबे की चपेट में आकर छह-छह लोगों की जान चली गई। अब भी यहां दर्जनों गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं और वहां के लोग गांव के बाहर दूसरों के यहां शरण लिए हुए हैं।

-स्मृति ने भी सुना दर्द, सरकार से की बात

अमेठी के दौरे पर आईं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को शाहगढ़ के किसानों ने बीच रास्ते में रोकर अपना दर्द सुनाया था। किसानों की पीड़ा सुनने के बाद स्मृति ने डीएम व एडीएम को तत्काल किसानों की हर संभव मदद करने को कहा था। स्मृति के पीआरओ विजय गुप्ता ने बताया कि दीदी ने अमेठी के किसानों की समस्या से सूबे की सरकार को भी अवगत कराते हुए मदद मांगी है।

कोट

बरसात से उत्पन्न हुई समस्या को कम करने की लगातार कोशिश हो रही है। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों को हर हाल में 24 घंटे में मदद देने का आदेश दे रखा है। नालों में लगे बंधों को जेसीबी लगाकर साफ करवाने का आदेश दिया गया है। शासन से भी और धन की मांग की गई है। बरसात से हुए नुकसान का लगातार आकलन को टीमें लगी हैं।

-ईश्वर चंद्र, एडीएम, (वित्त एवं राजस्व) व जिला दैवीय आपदा अधिकारी अमेठी

Posted By: Jagran