आनंद यादव, मुंशीगंज, (अमेठी): एचएएल कोरवा की रहने वाली हर्षिता शाही लूपस (ऊतकों व अंगों को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारी) को मात देकर कई राज्य व राष्ट्रीय स्तर के मेडल जीत चुकी हैं। हर्षिता ने हाल ही में एथलेटिक्स मीट में रजत पदक जीतकर अपना ही नहीं बल्कि जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया है।

-लक्ष्य था फिटनेस का, बना गई खिलाड़ी

कम उम्र में ही लूपस जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के चलते जीवन का लक्ष्य सीमित हो गया था। जैसे- तैसे एमकाम पोस्ट ग्रेजुएट तक की पढ़ाई पूरी की। जिसके बाद उनकी शादी धीरज निवासी बरेली से हो गई। इस दौरान धीरज एचएएल कोरवा में ही कार्यरत थे। लाइलाज बीमारी से ग्रसित होने के बावजूद हर्षिता के पति ने उनका बखूबी साथ दिया। चिकित्सकों की सलाह पर शरीर को फिट रखने को लेकर उन्होंने सुबह- शाम साइक्लिंग व रेस शुरू कर दी। इस दौरान उनके पति की मुलाकात एथलेटिक्स मीट के खिलाड़ी संजीव से हुई। जिनकी प्रेरणा से वह खेल में भी रुचि लेने लगी। दो फरवरी 2020 को लखनऊ में आयोजित होने वाले एचसीएल ओपेन प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जिसके बाद हर्षिता को एक नई उम्मीद जागी और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक दर्जनों मेडल जीतकर क्षेत्र व जिले का नाम रोशन किया।

-नेशनल मास्टर एथलेटिक्स मीट में जीता मेडल

29 नवंबर 2021 को बनारस में आयोजित नेशनल मास्टर एथलेटिक्स मीट में पांच किलोमीटर और 10 किलोमीटर की दौड़ में रजत पदक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। इसके साथ ही जिले से लेकर प्रदेश तक उन्होंने दर्जनों मेडल अपने नाम किए हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय रेलवे कोच अजय कश्यप और पति धीरज को दिया है। -दो बच्चों की मां हैं हर्षिता

एक कामयाब एथलेटिक्स होने के साथ ही वह दो बच्चों की मां हैं और गृहणी होने का भी फर्ज बखूबी निभाया है। उन्होंने बताया कि मेरे जेठ मुकेश, पति व अजय कश्यप जी ने मेरा पूरा सहयोग किया है। उनके सहयोग से ही मैं यह मुकाम हासिल किया है। मेरे और मेरे पति का सपना है कि वह इंटरनेशनल लेवल पर खेलकर जिले का नाम रोशन कर सकें।

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