अमेठी : मुंशीगंज में स्थित राजर्षि रणंजय सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलाजी में इंजीनियर्स डे कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

छात्रों ने नए विचारों पर आधारित कुल 21 प्रोजेक्ट बनाकर वर्चुअल माध्यम से संस्थान के निर्णायक मण्डल के सामने प्रस्तुत किया। निर्णायक मण्डल द्वारा मूल्यांकन के बाद पांच प्रोजेक्ट को सबसे बेहतर माना। हर विभाग से एक बेस्ट प्रोजेक्ट चुना गया। मेकैनिकल इंजीनियरिग से हीट ट्रांसफर एनालिसिस आफ स्टीम इन जियोथर्मल सिस्टम, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशंस इंजीनियरिग से जीएसएम पाथ प्लानिग एंड एंटी हरासमेंट डिवाइस फार ब्लाईंड परसन यूजिग अल्ट्रासोनिक इंफ्रारेड रिमोट कंट्रोल, कंप्यूटर साइन्स और इन्फार्मेशन टेक्नोलाजी इंजीनियरिग से प्रोजेक्ट स्वास्थ्य, सिविल इंजीनियरिग से ड्राट एनालिसिस एंड कंजर्वेशन आफ वाटर, इलेक्ट्रिकल्स एंड इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिग से आईओटी बेस्ड स्मार्ट इलेक्ट्रिक सबस्टेशन मॉनिटरिग सिस्टम, एमबीए से एक्सीडेंट आइडेंटिफिकेशन एंड अलर्टिंग सिस्टम को बेस्ट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया। संस्थान की निदेशक चंदारानी और संयुक्त निदेशक शशांक श्रीवास्तव द्वारा डॉ मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या के चित्र पर पुष्पार्चन किया गया। सिविल इंजीनियरिग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर राकेश देव पाण्डेय ने इंजीनियरिग के क्षेत्र में उनके योगदान के बारे में बताया। निदेशक चंदारानी ने कहा कि इंजीनियरिग और प्रबंधन के प्रगति किए बिना देश का विकास संभव नहीं है। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री संस्थान के अध्यक्ष डा. संजय सिंह और उत्तर प्रदेश की पूर्व प्राविधिक शिक्षा मंत्री व संस्थान की उपाध्यक्ष डॉ अमीता सिंह ने इंजीनियर्स डे पर सभी को बधाई व बेस्ट प्रोजेक्ट के लिए चुने गए छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। कहा कि यहां के मेधावी छात्रों से अन्य छात्रों को भी प्रेरित होने की जरूरत है। इससे उन्हें भी अपने जीवन में लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।

Edited By: Jagran