अमेठी : जगदीशपुर अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स के बचाव में तत्कालीन डीएम खुलकर मैदान में उतर आए थे। उन्होंने राज्यमंत्री व सीएमओ पर जिला प्रशासन की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

गत 22 अक्टूबर को जिले में राज्यपाल की अध्यक्षता में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड जगदीशपुर के अतिथि गृह में समीक्षा बैठक की गई थी। जिसमें केंद्रीय मंत्री व सांसद स्मृति ईरानी, राज्य मंत्री सुरेश पासी, तिलोई, अमेठी व सलोन विधायक शामिल हुए थे। बैठक में राज्यमंत्री ने स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एक स्टाफ नर्स द्वारा धन उगाही के चलते एक प्रसूता का प्रसव नहीं कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इस पर डीएम प्रशांत शर्मा ने 31 अक्टूबर को राज्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रसूता का नाम व पता उपलब्ध कराने के लिए कहा था। मंत्री को भेजे पत्र में डीएम ने कहा था कि इस शिकायत से जहां राज्यपाल द्वारा रोष व्यक्त किया गया, वहीं जिला प्रशासन की छवि धूमिल हुई है। जबकि सीएमओ ने अपनी रिपोर्ट में स्टाफ नर्स द्वारा पैसे लिए जाने को लेकर नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही अस्पताल अधीक्षक को उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश देते हुए उसकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई स्वास्थ्य समिति के अनुमोदन पर शुरू करने का आदेश दिया है। डीएम ने 31 अक्टूबर को पत्र भेजकर सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

Posted By: Jagran

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