दिलीप सिंह, अमेठी : रात के अंधेरे में हत्या और उसके बाद तीन पर हत्या की आशंका के तहत मुकदमा। पुलिस के पास दो रास्ते थे एक नामजद आरोपितों को जेल भेजना और दूसरा मामले की तह में जाकर सच को सामने लाना। पुलिस जांच में जुटी तो युवक की हत्या के लिए जिम्मेदार सभी नामजद आरोपितों की लोकेशन घटना के वक्त काफी देर तक घटनास्थल के आसपास ही मिली। लेकिन, सच तो सच ही होता है। एक युवक अचानक दस मिनट पहले आता है। मृतक से मिलता है, लाई-चना के साथ शराब के दो पैग लगाता है और रमेश की हत्या कर कुछ ही मिनटों में ही गायब हो जाता है।

रायबरेली जिले के नसीराबाद थाना क्षेत्र के सराय निवासी रमेश की शादी गौरीगंज के दौलतपुर गांव में हुई थी। रमेश ससुराल में ही रहता था। विजयदशमी के एक दिन पहले 24 अक्टूबर की शाम रमेश बाबूगंज बाजार में था। जांच में उसकी पत्नी सुशीला व करीबी सुशील की लोकेशन भी रमेश के ही आसपास मिली। साढ़ू रणजीत व मृतक रमेश के दो दोस्त पंकज और दिलीप की भी लोकेशन भी घटना के वक्त आसपास ही बनी रही। जांच में जब यह सच सामने आया तो एक बार तो पुलिस भी यह नहीं तय कर पा रही थी कि आखिर तीनों में किस ने रमेश को मारा। जांच में लगी टीम ने दायरा और बढ़ाया तो पूरे बछिल निवासी चंद्रकेश की लोकेशन भी रमेश के आसपास मिली। लेकिन, बस आधे घंटे के लिए। अचानक आना और फिर गायब हो जाना। यह बात पुलिस को चुभी तो उसने उस पर अपना फोकस बढ़ा दिया।

अरुण कुमार द्विवेदी, इंसपेक्टर, गौरीगंज कोतवाली ने बताया कि रात नौ बजे के करीब चंद्रकेश रमेश से मिला, दोनों साथ बैठे और शराब पी। अचानक दोनों में तकरार हुई और एक ने दूसरे की हत्या कर दी। हत्या के वक्त पत्नी, सुशील, साढू व दो दोस्तों की लोकेशन भी आसपास ही थी।

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