अमेठी : इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन संचालन के लिए उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने उत्तर रेलवे के जीएम को संबोधित ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक को सौंपा। व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष हरिशंकर जायसवाल ने उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को संबोधित ज्ञापन देकर मांग किया कि अमेठी, गौरीगंज व जायस से प्रतिदिन हजारों व्यापारी लखनऊ व कानपुर व्यापार के लिए आवागमन करते हैं। मार्च माह में लॉकडाउन घोषित होने के बाद प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया था। इसके कारण इस मार्ग पर व्यापारिक आवागमन ठप हो गया। व्यापारी ट्रेन के संचालन न होने से अत्यधिक परेशान हैं। ट्रेन का संचालन अतिशीघ्र शुरू किए जाने की मांग की। इससे व्यापारियों का व्यापार न प्रभावित हो सके। व्यापारी अपना कारोबार सुचारू रूप से चला सकें। जिलाध्यक्ष ने कहा कि इंटरसिटी एक्सप्रेस का संचालन विशेष रूप से व्यापारियों के लिए ही किया गया था। इस ट्रेन से उद्योग नगरी कानपुर का सफर जिले के व्यापारियों के लिए आसान था। सुबह सभी व्यापारी अपना कारोबारी सौदा करके देर शाम तक वापस लौट आते थे। अब सड़क मार्ग से मजबूरन व्यापारियों को आवागमन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस मौके पर जिला कोषाध्यक्ष सुशील जायसवाल, युवा जिला कोषाध्यक्ष आनंद शुक्ला, व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक आर्य, युवा नगर अध्यक्ष संदीप कसौंधन, युवा नगर वरिष्ठ महामंत्री बृजेश मिश्रा सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।

एसपी के दखल से मानी महिलाएं, सौंपा ज्ञापन

अमेठी : डीएम को ज्ञापन सौंपने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठी महिलाएं देर शाम एसपी की दखल के बाद ज्ञापन सौंपने को राजी हो गईं। जिसके बाद धरना समाप्त हो गया।किसान बिल के विरोध में रीता सिंह जनकल्याण समिति की महिलाओं ने गौरीगंज कस्बे में प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन सौंपने गई थीं। जहां ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संजीव मौर्या ज्ञापन लेने पहुंचे तो महिलाओं ने उन्हें ज्ञापन देने से इंकार कर दिया। डीएम को ही ज्ञापन देने की बात करते हुए महिलाएं वहीं धरने पर बैठ गईं। शाम को महिलाओं ने भोजन बनाने की व्यवस्था शुरू कर दी। समिति की अध्यक्ष रीता सिंह का आरोप है कि लकड़ी व पत्तल गाड़ी से उतारते समय ज्वांइट मजिस्ट्रेट ने उनके और एक दलित महिला के साथ धक्का मुक्की की। मामले की लिखित शिकायत एसपी की। पहले एडीएम बंदिता श्रीवास्तव व एएसपी दयाराम सरोज ने मौके पर पहुंच कर आंदोलनरत महिलाओं को समझाने बुझाने का प्रयास किया। जब वह नहीं मानी तो एसपी दिनेश सिंह भी मौके पर पहुंच गए। एसपी की दखल के बाद महिलाएं धरना प्रदर्शन समाप्त करने को राजी होते हुए उन्हें ज्ञापन सौंप दिया।