विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अमेठी में मौसम के बदले मिजाज ने बढ़ाई मुश्किल, अस्पतालों में रोजाना पहुंच रहे 250 के करीब मरीज

Published: Sun, 20 Sep 2026 02:46 PM (IST)

अमेठी में मौसम के बदलते मिजाज के कारण संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे फुरसतगंज सीएचसी की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 250 मरीज पहुंच रहे हैं।

मौसम के बदले मिजाज ने बढ़ाई मुश्किल।

मौसम के बदले मिजाज ने बढ़ाई मुश्किल।

HighLights

  1. अमेठी में मौसम बदलने से संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ा।

  2. फुरसतगंज सीएचसी में प्रतिदिन 250 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे।

  3. चिकित्सकों ने जांच और सलाह के बिना दवा न लेने को कहा।

संवाद सूत्र, फुरसतगंज, (अमेठी)। मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने लोगों की सेहत बिगाड़नी शुरू कर दी है। बारिश के बाद तेज धूप और गर्मी से क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। जुकाम, बुखार, खांसी और बदन दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में भीड़ उमड़ रही है।

प्रतिदिन करीब 250 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सर्वाधिक मरीज बुखार, जुकाम और बदन दर्द व खांसी के हैं। वहीं करीब डेढ़ सौ मरीजों की जांच भी की जा रही है। शनिवार को ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ी।

चिकित्सकों के अनुसार बारिश के बाद दिन में तेज धूप और रात में मौसम शुष्क होने से संक्रमण के साथ मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लगातार बुखार रहने पर मलेरिया, टाइफाइड और डेंगू की आशंका को देखते हुए जांच कराना जरूरी है।

चिकित्सकों ने बिना जांच के दवा लेने से बचने और लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उनके स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखने की सलाह दी गई है। शरीर के तापमान या व्यवहार में बदलाव होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

मच्छरों से बचाव जरूरी

डॉ. विनय वर्मा ने बताया कि बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मच्छरदानी का प्रयोग करें। दूषित पानी, फल और खाद्य पदार्थों से बचें। संतुलित आहार लें और पर्याप्त आराम करें। डेंगू, मलेरिया या टाइफाइड के लक्षण दिखने पर जांच कराकर चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवा लें। बच्चों को समय पर जरूरी टीके भी लगवाते रहें।

पिछले सप्ताह की अपेक्षा ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन 200 से 250 मरीज आ रहे हैं। अधिकांश मरीज जुकाम, बुखार और बदन दर्द से पीड़ित हैं। जांच के बाद उनका उपचार किया जा रहा है। सावधानी बरत कर संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है। -डॉ. अभिषेक शुक्ला, सीएचसी अधीक्षक, फुरसतगंज।