अंबेडकरनगर : टीकाकरण अभियान गुरुवार को पूरी तरह से ध्वस्त रहा। इसका प्रमुख कारण अधिकारियों का निरीक्षण बंद होना है। अधिकांश केंद्रों पर वैक्सीन समाप्त होने के बाद घंटों कतार में खड़ी महिलाओं को वापस घर जाना पड़ा। अभिभावक और महिला स्पेशल केंद्र भी ठप रहे। रोजाना टीकाकरण की रफ्तार कभी बढ़ तो कभी घट रही है। गुरुवार को महज छह केंद्रों पर ही टीका लग सका। वैसे कुल 11 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। यहां 2204 लोगों को ही टीका लगाया जा सका। सीएमओ डा. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि वैक्सीन की उपलब्धता के अनुसार ही टीकाकरण किया जा रहा है। पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

किछौछा : सीएचसी बसखारी में स्वास्थ्य सेवाओं तथा कोविड-19 टीकाकरण को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी ने औचक निरीक्षण किया। श्रीकांत शर्मा ने यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मियों से परिचय प्राप्त कर ड्यूटी पर समय से आने तथा स्वास्थ्य सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी।

छह केंद्रों पर लगी रही कतार : अभियान के तहत 18 से 44 वर्ष वालों में 1257 को टीका लगाया गया। 45 से अधिक उम्र वालों में 684 के साथ 263 को दूसरी डोज दी गई। अभिभावक केंद्र पर और महिला स्पेशल केंद्र पर टीका नहीं लगाया गया।

चार सक्रिय केस, नहीं मिला नया संक्रमित : गुरुवार को कोई नया संक्रमित नहीं मिला और न ही कोई स्वस्थ हुआ। अब भी जिले में चार सक्रिय केस हैं। सीएमओ ने बताया कि होम आइसोलेशन में दो मरीज हैं। दो मरीजों का इलाज लखनऊ में चल रहा है। बुधवार को कुल 2107 लोगों की जांच हुई। आरटीपीसीआर से 920, ट्रूनेट से 32 तथा एंटीजन से 1155 लोगों की जांच की गई।

बैरंग लौटे लोग- बेवाना : वैक्सीन की कमी के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवाना में टीकाकरण बंद रहा। टीका न मिलने से निराश लोगों को घर लौटना पड़ा। यहां पहुंची सुमित्रा, राजपति, शारदा, तारा देवी ने बताया कि सोमवार से टीका लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। रोज दौड़कर आते हैं, लेकिन टीका नहीं लग पा रहा है। केंद्र प्रभारी डा. इंद्रेश यादव ने बताया कि वैक्सीन की कमी के चलते उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद टीकाकरण रोक दिया गया है।

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