अंबेडकरनगर: अयोध्या-अकबरपुर रेलखंड पर अरियौना गांव के निकट अंडरपास बनाने की महीनों से चल रही मांग पूरी न होने पर शनिवार को सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा ग्रामीण ट्रेन रोकने पहुंच गए। यहां चल रहे दोहरीकरण के कार्य को भी अवरुद्ध कर दिया। अकबरपुर आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। इससे पहले भी ग्रामीणों ने कई ट्रेनें रोककर अपना विरोध दर्ज कराया था।

इन दिनों रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके लिए पटरियों के दोनों तरफ गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, इससे ग्रामीणों का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। उन्हें खेतीबारी और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। अकबरपुर रेलवे स्टेशन से करीब पांच किलोमीटर दूर पटरियों के किनारे बसे गांव अरियौना के लोगों ने इससे निजात के लिए यहां अंडरपास बनवाने की काफी पहले मांग की थी। उनकी बात नहीं सुनी जाने पर ग्रामीणों ने बच्चों-बुजुर्गों के साथ बीते दिसंबर में रेल पटरी पर आकर डेरा डाल दिया था। इस दौरान कई ट्रेनें रोककर विरोध जताया था। उसी दिन यहां निरीक्षण पर आए डीआरआम से मिलकर ग्रामीणों ने समस्या के समाधान की मांग की थी। इसके बाद उक्त स्थान पर कार्य रोक दिया गया था। शनिवार को एक बार फिर कार्यदायी संस्था ने जैसे ही निर्माण शुरू कराया, इसकी भनक लगते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और वे रेल पटरियों पर जा डटे। खुदाई कर रही जेसीबी के आगे खड़े हो गए और काम न रोकने पर जान देने की चेतावनी दी। इसकी सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन रेल सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। जीआरपी थानाध्यक्ष बृजेश कुमार यादव ने अकबरपुर एसडीएम मोइनुल इस्लाम से बात की तो उन्हें बताया गया कि अंडरपास बनवाने के संबंध में उन्होंने दिसंबर में ही अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी थी। करीब दो घंटे की जद्दोजहद के बाद ग्रामीण वापस अपने घरों को चले गए।

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