अंबेडकरनगर : पिछले चार साल में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में नौ बार बढ़ोत्तरी किए जाने को लेकर विरोध का स्वर मुखर हो गया है। जन अधिकार पार्टी ने शनिवार को जिला मुख्यालय पर रैली निकाल कर केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों का विरोध जताया। इस दौरान कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार नारेबाजी करते हुए संगठन ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।

पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र मौर्य ने कहा कि पिछले चार साल के दौरान केंद्र सरकार के नौ बार एक्साइज ड्यूटी पेट्रोल और डीजल पर बढ़ाया है। इसके साथ ही डीलर के कमीशन में भी लगभग दो गुना से अधिक की वृद्धि की गई है। यह किसी भी सरकार द्वारा अपने कार्यकाल में की गई वृद्धि से बहुत ज्यादा है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने भी टैक्स की दर बढ़ा दिया है। जिसका परिणाम यह हुआ कि पेट्रोल और डीजल की कीमत अबतक के सबसे अधिक ऊंचाई पर पहुंच गई है। इसका सीधा असर आम जनता और किसानों पर पड़ रहा है। धान की फसल लगाए जाने का वक्त आ गया है, और खेतों में ¨सचाई के लिए ट्यूबवेल चलाने को डीजल की जरूरत होती है। इस महंगाई से सभी की कमर टूट रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि इन चार सालों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 70 से 72 फीसदी तक कमी आई थी, और यह घटकर 30 डॉलर प्रति बैरल तक हो गया था। तेल की कीमतों में किस कमी का कोई लाभ भाजपा सरकार ने किसानों तथा आम जनता को नहीं दिया। इसके कारण वस्तुओं के दाम में लगातार वृद्धि हो रही है, और महंगाई से जनता की हालत खराब हो रही है। ऐसे में जन अधिकार पार्टी द्वारा भाजपा सरकारों की नीतियों का खुलकर विरोध किया जा रहा है। राज्यपाल से मांग की गई कि आम जनता को राहत दिलाने के लिए वह दखल करें। उसके साथ ही बढ़ती हुई महंगाई किसानों के शोषण बेहत्तर कानून व्यवस्था और आरक्षण व्यवस्था को उचित तरीके से लागू कराने के मुद्दे पर सकारात्मक कदम उठाएं। आंदोलन में राहुल मौर्य, राम प्रकाश चौधरी, अश्वनी, प्रवेश, जितेंद्र, बब्लू, प्रदीप प्रजापति, संदीप राजभर, आकाश राजभर, अजीत, देवेंद्र कुमार मौर्य, राम बहादुर चौहान, रवि विश्वकर्मा आदि शामिल रहे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस