अंबेडकरनगर : अंकित यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपित राजेंद्र यादव की न्यायिक हिरासत में मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट से रिपोर्ट तलब की है। जिलाधिकारी ने उपजिला मजिस्ट्रेट टांडा को जांच अधिकारी नामित कर 27 जनवरी तक रिपोर्ट मांगी है।

गत 29 नवंबर को पकड़ी भोजपुर बाजार में भोजपुर ठिकवा गांव के अंकित यादव की हत्या के बाद आरोपित राजेंद्र यादव का घर आम जनता ने घेर लिया था। इस पर राजेंद्र यादव व इसके पुत्र लाइसेंसी असलहे से फायरिग करने लगे। यहां भारी बवाल पर पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ सिटी, सीओ आलापुर, सीओ जलालपुर सहित क्राइम ब्रांच की टीम व कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची थी। ताबड़तोड़ फायरिग के बीच पुलिस ने पीछे से घर में घुसकर राजेंद्र व उसके पुत्र अमितेश को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस राजेंद्र यादव को अपने वाहन में बैठा रही थी कि आक्रोशित भीड़ ने पथराव करते हुए हमला कर दिया। इसमें कई पुलिसकर्मियों के घायल होने के साथ वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया था। राजेंद्र को ट्रामा सेंटर लखनऊ से पुलिस ने 18 दिसंबर को डिस्चार्ज कराकर जेल भेज दिया था। जिला जेल में राजेंद्र की हालत खराब देख जिला अस्पताल से दोबारा ट्रामा सेंटर भेजा गया। 23 दिसंबर को राजेंद्र की मौत हो गई थी। जिला कारागार अधीक्षक ने महानिरीक्षक कारागार को रिपोर्ट भेजी थी। यह रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग तक पहुंची। आयोग के सदस्य डा. ओपी दीक्षित ने अब जिला मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण तलब किया है। जिला मजिस्ट्रेट सैमुअल पॉल एन ने बताया कि उपजिला मजिस्ट्रेट टांडा बाबूराम को जांच अधिकारी नामित करते हुए रिपोर्ट मांगी गई है। उपजिला मजिस्ट्रेट बाबूराम ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है।

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