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जनवरी 2027 से होगी महामाया मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग की पढ़ाई, बजट के कारण नहीं हो रही संसाधनों की बढ़ोतरी

Published: Wed, 28 Oct 2026 05:44 PM (IST)

अंबेडकरनगर के महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में जनवरी 2027 से एमएससी नर्सिंग की पढ़ाई शुरू होगी, लेकिन 14 साल ...और पढ़ें

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अजय सिंह, अंबेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज वर्ष 2011 में प्रारंभ हुआ तो मात्र सौ सीटें एमबीबीएस की थीं। उस दौरान भी कॉलेज का बजट 40 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष रहा। इसके बाद 2022 में बीएससी नर्सिंग, पीजी की 25 सीटें, मरीजों की ओपीडी प्रतिदिन तीन सौ से 2500 तक पहुंच गई है। ऐसे में करीब 14 वर्ष बाद भी कॉलेज का बजट वहीं रुका है। इससे संसाधनों की बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है।

दवाओं व उपकरणों की खरीद भी प्रभावित हो रही है। इस मेडिकल कालेज में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक ओपीडी संचालित होती है। 100 एकड़ के क्षेत्रफल में फैले इस कॉलेज में जनवरी 2027 से एमएससी नर्सिंग की पढ़ाई प्रारंभ होने वाली है। अब तक करीब एक हजार चिकित्सक तैयार किए जा चुके हैं।

शिक्षित युवाओं के डॉक्टर बनने की उम्मीद पूरी करने एवं मरीजों के बेहतर उपचार मिले, इसी उद्देश्य से मेडिकल कालेज की स्थापना की गई। हालांकि, इसमें अधिकांश सीटें आरक्षित हैं। बसपा शासन में उक्त मेडिकल कालेज का निर्माण एवं संचालन प्रारंभ हुआ। एक वर्ष बाद सपा का शासनकाल आ गया और इसके बाद भाजपा। निर्माण एवं संचालन के बाद इस मेडिकल कालेज में सत्ता के विशेष ध्यान न देने का जिक्र आमजन से लेकर विशेष लोग कर ही देते हैं।

नहीं बढ़ा बजट और न बने हॉस्टल
छात्रों के साथ प्रवक्ता, चिकित्सकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। इसके लिए हास्टलों की संख्या भी नहीं बढ़ाई गई। ऐसे में अधिकांश छात्रों व चिकित्सकों को बाहर ही आवासित रहना पड़ रहा है।

शासन से निर्धारित बजट आता है, उसमें वेतन से लेकर सभी व्यय शामिल हैं। महंगाई और संख्या बल बढ़ने संग बजट में बढोत्तरी हो तो व्यवस्थाएं और बेहतर हो जाएंगी। कालेज में पास 100 एकड़ भूमि है, जो पर्याप्त हैं शेष इकाइयों का निर्माण आसानी से हो जाएगा।- डॉ. मुकेश यादव, प्राचार्य, महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज

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