यूपी में ई-केवाईसी न कराने वाले रसोई गैस उपभोक्ताओं की बढ़ेगी टेंशन, अक्टूबर से महंगा मिलेगा सिलिंडर
अंबेडकरनगर में 30 सितंबर तक ई-केवाईसी न कराने वाले रसोई गैस उपभोक्ताओं को सब्सिडी नहीं मिलेगी और उन्हें 1 अक्टूबर से सिलेंडर बाजार मूल्य पर खरीदना होगा।

जिले में 39 हजार रसोई गैस उपभोक्ताओं की नहीं ई-केवाईसी।
HighLights
30 सितंबर तक रसोई गैस ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है।
ई-केवाईसी न होने पर सब्सिडी नहीं, बाजार मूल्य पर मिलेगा।
अंबेडकरनगर में 38 हजार से अधिक उपभोक्ता प्रभावित होंगे।
संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। रसोई गैस उपभोक्ताओं का इलेक्ट्रॉनिक अपने ग्राहक को जानिए (ई-केवाईसी) अनिवार्य कर दी गई है। यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने पर उपभोक्ताओं को अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा।
30 सितंबर के बाद ई-केवाईसी विहीन रसोई गैस का कनेक्शन लॉक हो जाएगा। यहां चार लाख 75 हजार 923 उपभोक्ताओं के सापेक्ष अभी तक 38 हजार 472 ने ई-केवाईसी नहीं कराई है।
ऐसे में इन्हें पहली अक्टूबर से रसोई गैस बाजार मूल्य पर खरीदना पड़ सकता है। गैस आपूर्ति कंपनियों और पूर्ति विभाग ने उपभोक्ताओं को अविलंब प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कहा है।
ई-केवाईसी नहीं होने की स्थिति में रसोई गैस पाने के लिए उपभोक्ता को एजेंसी पर संचालक को लिखित पत्र देना होगा कि वह बाजार मूल्य पर रसोई गैस खरीदना चाहता है। इसमें उसे कोई दबाव एवं आपत्ति नहीं है।
जिला पूर्ति अधिकारी शिवाकांत पांडेय ने बताया कि इसके बाद एजेंसी संचालकों द्वारा संंबंधित आयल कंपनी को उक्त पत्र अग्रसारित किया जाएगा। तब ही उपभोक्ता का कनेक्शन बाजार मूल्य पर गैस की आपूर्ति के लिए अनलाक किया जाएगा।
ई-केवाईसी कराने का तरीका
रसोई गैस उपभोक्ताओं को घर बैठे ई-केवाईसी कराने के लिए तीनों आयल कंपनियों द्वारा एप बनाया गया है। इंडियन आयल कंपनी द्वारा इंडियन आयल वन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम का एचपी-पे, भारत गैस कंपनी का हेलो बीपीसीएल नामक एप विकसित किया गया है।
मोबाइल फोन के प्ले-स्टोर से इसे डाउनलोड करके इंस्टाल किया जाएगा। इसपर कनेक्शन में दर्ज मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन होगा। ई-केवाईसी के विकल्पों में कनेक्शन नंबर, उपभोक्ता का नाम तथा इसी एप पर फोटो खींचने का विकल्प आएगा। उक्त सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ई-केवाईसी पूर्ण होगी।
