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अंबेडकरनगर में भूमाफिया की दबंगई, रातोंरात चलवाया बुलडोजर और ध्वस्त कराए 15 मकान

Published: Mon, 21 Sep 2026 08:13 PM (IST)

Ambedkarnagar News:  भूमाफिया ने रात में बुलडोजर से 15 मकानों ध्वस्त करा दिया। दुस्साहसिक घटना 50-60 असलहाधारियों व नकाबपोशों की मौजूदगी में की गई।

HighLights

  1. नकाबपोश असलहाधारियों रहे मौजूद, स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी

  2. वीडियो और फोटो बनाने वालों व गोली मारने की धमकी, पूरे इलाके में दहशत

संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश में सरकार अपराधियों का सबक सिखाने के लिए बुलडोजर एक्शन ले रही है, लेकिन अंबेडकरनगर में तो भूमाफिया ने कानून अपने हाथ में ले लिया।

उसने रविवार को रात में बुलडोजर से 15 मकानों ध्वस्त करा दिया। दुस्साहसिक घटना 50-60 असलहाधारियों व नकाबपोशों की मौजूदगी में की गई। हैरत की बात यह है कि चंद कदम की दूरी पर स्थित पुलिस पिकेट या गश्ती, मोबाइल पुलिस को घटना के समय भनक नहीं लगी। सुबह पहुंची-पुलिस प्रशासन की टीम जांच और मुकदमा दर्ज कर लकीर पीटती नजर आ रही है।

कोतवाली अकबरपुर के बरियावन-किछौछा मार्ग पर बालिका इंटर कालेज के पास दुकानें और मकान करीब तीन दशक से बने हैं। रविवार की रात असलहाधारी लोग तीन बुलडोजर लेकर पहुंचे। दोनों तरफ से रास्ता बंद कर लिया। असलहा दिखाकर लोगों को धमकाया और घटना का फोटो-वीडियो बनाने से रोक दिया।

इसके बाद बुलडोजर से सड़क के किनारे बने मकानों और दुकानों को गिराना शुरू कर दिया। एक-एक कर 15 भवनों को ध्वस्त करा दिया। आरोप है कि यह लोग दुकानों से एलपीजी सिलेंडर, कड़ाही समेत अन्य सामान भी उठा ले गए। रात में हुई इस घटना से लोग सहम गए और कई परिवार जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर भाग गए। पीड़ितों के अनुसार उनके मकान करीब 30 से 35 वर्ष पुराने थे।

सोमवार सुबह एसडीएम प्रतीक्षा सिंह, क्षेत्राधिकारी नितीश तिवारी, तहसीलदार दिव्या भारती, कोतवाल संतोष कुमार सिंह और लेखपाल रोहित कुमार मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जानकारी जुटाई जा रही है। सीसी कैमरे की फुटेज देखी जा रही है। शिनाख्त होने पर कार्रवाई की जाएगी।

भू-माफिया के इशारे पर गिराया गया मकान

पीड़ितों का आरोप है कि पीछे की जमीन का बैनामा कराने वाले भू-माफिया के इशारे पर ही दुकानों और मकानों को गिराया गया। बरियावन निवासी रामकीरत समेत अन्य पीड़ितों ने संयुक्त तहरीर पुलिस को दी। कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अज्ञात 50-60 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है।

इनके मकान-दुकान ध्वस्त

असौवापार मोहरई के कमलेश, शरीफपुर के रवींद्र कुमार, बरियावन के रामकीरत, विपिन कुमार, सोनू, अलीमपुर माउख के रामपूजन, मुबारकपुर बरियावन के सुरेंद्र कुमार, नरेंद्र नाथ, गौरा महमूदपुर के संदीप कुमार, अनिल कुमार, दिलीप कुमार, कहरा सुलेमपुर के सगे भाई परमदेव, चंद्रदेव, दिनेश कुमार और भगेलू प्रसाद।

उठा ले गए सामान

पीड़ित अनिल कुमार का आरोप है कि उनकी दुकान से सिलेंडर, कड़ाही और अन्य सामान भी दबंग उठा ले गए। सोनू सोनी ने बताया कि घटना के बाद परिवार दहशत में है। मकान और दुकानें गिराने के दौरान उनका घर भी क्षतिग्रस्त हो गया। आरोप लगाया कि फोटो-वीडियो बनाने से रोकते हुए असलहे के बल पर धमकाया गया और मकान गिराने की चेतावनी दी गई।

बरियावन चौराहे पर पुलिस पिकेट

बरियावन-किछौछा मार्ग पर तीन बुलडोजर से मकानों और दुकानों को घंटों ध्वस्त किया जाता रहा, लेकिन पुलिस या प्रशासन को पता नहीं चला। इस घटना ने रात्रि गश्त, पुलिस पिकेट और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरियावन चौराहे पर पुलिस की नियमित मौजूदगी रहती है। हैरत की बात यह भी है कि सोमवार देरशाम तक पुलिस आरोपितों की पहचान तक नहीं कर सकी। उनके बुलडोजर और असलहाधारी भी पहेली बने हैं।