अंबेडकरनगर के कांशीराम आवासों पर अवैध कब्जा, छत के लिए भटक रहे गरीब परिवार
जलालपुर में कांशीराम आवास योजना के तहत बने सैकड़ों घर खाली पड़े हैं।
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कांशीराम आवास आज भी जरूरतमंदों की राह देख रहे हैं।
HighLights
जलालपुर में कांशीराम आवास खाली, गरीब परिवार अभी भी बेघर।
कई आवासों पर अवैध कब्जा, देखरेख के अभाव में जर्जर।
करोड़ों की लागत से बने आवासों का उपयोग नहीं हो रहा।
संवाद सूत्र, जलालपुर। गरीब और बेघर परिवारों को आवास देने के उद्देश्य से बनाए गए कांशीराम आवास आज भी जरूरतमंदों की राह देख रहे हैं। करीब 7 वर्ष पहले आवास विकास परिषद और तत्कालीन उपजिलाधिकारी की मौजूदगी में 178 लोगों को आवास आवंटित किए गए थे। इनमें से अधिकांश ने लिखित रूप से आवास न लेने का शपथपत्र दे दिया, जबकि शेष आवंटियों में करीब दर्जनभर परिवार ही रह रहे हैं। अन्य आवासों पर अवैध कब्जे की शिकायतें हैं।
नगर पालिका क्षेत्र के उस्मापुर, डड़वा और वाजिदपुर में 528 आवास बनाए गए थे। डड़वा और वाजिदपुर में 252 तथा उस्मापुर में 276 आवास हैं। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बने इन आवासों का उद्देश्य गरीब, विधवा, दिव्यांग और जरूरतमंद परिवारों को छत देना था।
तय व्यवस्था के तहत 50 प्रतिशत आवास अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आवेदकों के लिए प्रस्तावित थे, शेष आवास अन्य वर्गों को आरक्षण व्यवस्था के अनुसार दिए जाने थे। आवंटन प्रक्रिया पूरी नहीं होने का खामियाजा जरूरतमंद परिवार भुगत रहे हैं।
अनेक गरीब परिवार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन कर रहे हैं, जबकि पहले से बने कांशीराम आवासों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। भवनों का नियमानुसार आवंटन होने पर बेघर परिवारों को छत मिल सकती है।
देखरेख के अभाव में भवन जर्जर
आवासों का आवंटन और हस्तांतरण नहीं होने से भवन देखरेख के अभाव में जर्जर हो रहे हैं। कई आवासों के बिजली के तार चोरी हो चुके हैं, जबकि छतों पर रखी पानी की टंकियां भी खराब हो गई हैं। लंबे समय से खाली पड़े भवनों की हालत लगातार बिगड़ रही है।
जरूरतमंद परिवार आवास के लिए सरकारी योजनाओं के चक्कर लगा रहे हैं, वहीं करोड़ों रुपये की लागत से बने कांशीराम आवासों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। जरूरतमंद रन्नू खां पूरा के सगीर, गंजा मोहल्ला के दीपक सोनी और साहबतारा के बृजू का कहना है कि प्रशासन को लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करनी चाहिए। उपजिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही पात्रों का चयन कर आवास वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
