अंबेडकरनगर : करोड़ों की औषधियां गोदामों में पड़े-पड़े नष्ट होने की कगार पर हैं। अंबेडकरनगर सहित 55 जिलों में बने वेयरहाउस में रखीं दवाओं की खेप 31 मई को एक्सपायर हो जाएगी, वहीं कई दवाएं दो से छह माह में बेकार हो जाएंगी। कारण, छह माह बाद भी इन्हें स्वास्थ्य केंद्रों तक नहीं भेजा जा सका।

स्वास्थ्य विभाग यूपी मेडिकल सप्लाइज कार्पोरेशन लिमिटेड दवाइयों की आपूर्ति करता है। इसके अधीन लगभग सभी जिलों में औषधि भंडार गृह हैं। यहां से विभाग स्वास्थ्य केंद्रों पर औषधियों की आपूर्ति करता है। गत शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ के वेयर हाउस में छापेमारी की तो वहां करोड़ों की एक्सपायर दवाएं मिलीं। यही हाल अन्य जिलों के भंडार गृहों का भी है। अंबेडकरनगर के गोदाम में ही आइसोरबिड, मल्टीविटामिन, पैरासिटामाल, सलबूटामाल जैसी ढेरों दवाइयां डंप हैं। इन्हें छह माह से अधिक समय गुजरने के बाद भी स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा नहीं जा सका। इनमें से कई दवाएं 31 मई को एक्सपायर हो जाएंगी। वहीं, कई दवाएं ऐसी हैं, जो दो से छह माह में बेकार हो जाएंगी। यही हाल अलीगढ़, आगरा, अमेठी, अयोध्या, आजमगढ़, बागपत, बलिया, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बदायूं, चंदौली, देवरिया, एटा, इटावा, फतेहपुर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, गोंडा, हरदोई, हाथरस, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, कानपुर देहात, कौशाम्बी, कासगंज, लखीमपुर खीरी, महराजगंज, महोबा, मैनपुरी, मथुरा, मऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, शाहजहांपुर, सहारनपुर, संभल, संतकबीरनगर, शामली, श्रावस्ती, सीतापुर, सोनभद्र, सुलतानपुर, उन्नाव एवं वाराणसी जिलों का है। यहां करोड़ों की दवाइयां एक्सपायर होने की कगार पर हैं।

तत्काल उपभोग करने का आदेश

ऐसी दवाओं के तत्काल उपभोग के लिए अपर प्रबंध निदेशक आलोक कुमार ने गत 10 मई को सभी जिलों के सीएमओ, सीएमएस, मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्यों को पत्र भेजा है। कहा गया है कि छह माह में बेकार होने वाली दवाइयों को तत्काल अस्पतालों को आवंटित करें।

औषधि भंडार गृह में उपलब्ध ऐसी दवाओं को तत्काल स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजने का निर्देश पूर्व में दिया गया है। यदि आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है तो इसकी जानकारी कर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

-श्रीकांत शर्मा, सीएमओ

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