अंबेडकरनगर: जिला मुख्यालय से ग्रामीणांचल तक बुधवार सुबह बरसात व आंधी के बीच विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। कई स्थानों पर 11 हजार वोल्टेज के तार टूटकर गिरने से एक लाख से अधिक की आबादी 12 घंटे तक बिजली से महरूम रही। उपभोक्ता फाल्ट ठीक करने को लेकर अधिकारियों के पास फोन घनघनाते रहे, लेकिन जिम्मेदारों ने अपने फोन स्विच आफ कर लिए।

अकबरपुर के पटेलनगर इलाके में बिजली के तारों को छू रही टहनियों की कटाई का कार्य कराया जा रहा था। इसके चलते सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक आपूर्ति बाधित रही। इस बीच उपभोक्ताओं के इन्वर्टर भी जवाब दे गए। बाद में भी बिजली की आवाजाही लगी रही, ऐसे में भारी उमस से उपभोक्ताओं का बुरा हाल रहा। विद्युत उपखंड टांडा के सुलेमपुर फीडर के अजमेरी बादशाहपुर की लगभग 5000 की आबादी बीते 36 घंटों से अंधेरे में जीने को मजबूर है। मंगलवार की रात सुलेमपुर चौराहे के निकट 11 हजार की लाइन का तार टूट जाने से ग्राम पंचायत अजमेरी बादशाहपुर के केशवापुर, दर्जीपुर, कोयराना सहित अन्य क्षेत्रों में विद्युत सप्लाई बाधित हो गई। उपभोक्ताओं के फोन करने के बावजूद बिजली विभाग के जिम्मेदारों ने फाल्ट ठीक कराना जरूरी नहीं समझा। बुधवार शाम पांच बजे तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। विद्युत उपकेंद्र मकोईया अंतर्गत बसखारी में अनुरक्षण का कार्य के चलते विद्युत सप्लाई बाधित रहने से रोजगार प्रभावित हुआ।

राजेसुलतानपुर: तेंदुआईकला विद्युत उपकेंद्र से संचालित लगभग 300 सौ उपभोक्ताओं की बिजली गुल रही। विभागीय कर्मी फाल्ट ठीक करने के लिए पेड़ पौधों को काटकर आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटे रहे। इसके बावजूद दोपहर तक बाधित आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। अवर अभियंता डीके पटेल ने बताया कि उपकेंद्र में आई तकनीकी खराबी एवं मौसम के कारण विद्युत व्यवस्था कुछ देर तक बाधित रही है।

महरुआ: विद्युत उपकेंद्र महरुआ से जुड़े गांव समसपुर कुरचा तथा सुभकरपुर गांव में मंगलवार शाम सात बजे 11 हजार वोल्टेज का तार टूटकर जमीन पर गिर गया। इससे रात दो बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। दूसरी तरफ बुधवार की सुबह नौ बजे बरामदपुर जरियारी पश्चिम का पूरा गांव के पास 11 हजार लाइन का तार टूट जाने से बरामदपुर जरियारी और ककरहवा गांव की आपूर्ति बाधित हो गई। उपभोक्ता संदीप निषाद, वीरेंद्र कुमार ने बताया कि आपूर्ति बाधित होने से पीने के पानी से लेकर मोबाइल चार्जिंग के लिए हलकान होना पड़ा। आपूर्ति सुचारु करने वाले विद्युत कर्मचारियों के फोन तक नहीं उठे।

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