अंबेडकरनगर : आयुष्मान योजना के तहत मार्च माह में पात्रता सूची में शामिल लोगों को गोल्डन कार्ड मुहैया कराने के लिए विशेष पखवाड़ा अभियान चलाया गया। इसमें प्रत्येक ब्लॉकों में 10-10 गांवों में शिविर आयोजित करने थे, लेकिन कर्मचारियों की कमी और जागरूकता के अभाव में महज 20819 लोगों का ही कार्ड बनाया जा सका, जबकि जिले में कुल 824345 के सापेक्ष दो लाख लोगों को ही कार्ड दिया गया है। इससे जनपद 31वें स्थान पर है।

-आशाओं को मिली प्रोत्साहन राशि: पखवाड़ा के तहत गोल्डन कार्ड बनवाने पर संबंधित आशा को प्रोत्साहन धनराशि प्रदान किया गया। इसमें परिवार का एक कार्ड बनवाने पर पांच और एक परिवार के एक से अधिक गोल्डन कार्ड बनवाने पर 10 रुपये दिया गया। इसके तहत सभी आशाओं को लाभांवित किया गया।

-3876 मरीजों के इलाज पर चार करोड़ खर्च : योजना के तहत 3876 मरीजों के इलाज पर अब तक कुल चार करोड़ रुपये का व्यय हुआ है। शासन से अभी तक तीन करोड़ 10 लाख रुपये अवमुक्त हो चुके हैं। गांवों में बना दो लाख कार्ड: योजना के जिला समन्वयक डॉ. मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि कमियों को पूरा करने के लिए आयुष्मान पखवाड़ा के तहत प्रति ब्लॉक लगभग पांच से आठ शिविर लगे। कुल एक लाख 97 हजार पात्रों को गोल्डन कार्ड बना दिया गया है।

31 मार्च तक चले पखवाड़े में 20819 लोगों का गोल्डन कार्ड बनाया गया। चुनाव के बाद फिर से अभियान चलाकर लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही तलाकशुदा महिलाओं का नए सिरे से कार्ड बनाया जा रहा है। इनको तत्काल सूची में शामिल किया जाएगा। डॉ. आशुतोष सिंह,

नोडल अधिकरी, आयुष्मान भारत योजना

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