अंबेडकरनगर : एंबुलेंस से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में हुए फर्जीवाड़े की जांच के लिए आए दिन टीम में फेरबदल किया जा रहा है। इस बार पूरी जांच की कमान सीएमओ कार्यालय के हाथों में सौंप दी गई है। इस बारे में सोमवार को फिर से सीएमओ ने पत्र जारी कर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है। चिकित्साधिकारियों को एक से दो सीएचसी की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीएमओ ने एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट मांगी है। एंबुलेंस से वास्तविक मरीजों को लाने-ले जाने से कई गुणा ज्यादा फेरे दिखाकर लाखों का भुगतान सेवा प्रदाता कंपनी को किया गया है। इसमें नोडल चिकित्साधिकारी और विभागीय लिपिकों की भूमिका संदिग्ध रही है। अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने सीएमओ से रिकार्ड का सत्यापन कर संपूर्ण ब्यौरा तलब किया है।

गंभीर रूप से बीमार, घायल एवं गर्भवती महिलाओं की सहूलियत के लिए स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस सेवा 102 व 108 संचालित कर रही है। इसका संचालन जीबीकेइएमआरआई कंपनी के माध्यम से हो रहा है। अधिकतम भुगतान के लिए एंबुलेंसों के फर्जीवाड़े को लेकर जागरण लगातार खबरें प्रकाशित करता रहा है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग भी जांच प्रक्रिया को और अधिक पुख्ता करने के प्रयास से टीमों में लगातार फेरबदल भी किया जा रहा है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सालिकराम पासवान सीएचसी भीटी एवं भियांव में चलने वाली एंबुलेंस के फेरों की जांच करेंगे। इसी तरह अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मंसूरुल हसन सिद्दीकी को जलालपुर एवं जहांगीरगंज, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रामानंद को टांडा व बसखारी, डिप्टी सीएमओ डा. संजय वर्मा अकबरपुर, डा. प्रवीण कुमार बादल आलापुर तथा डा. आशुतोष सिंह कटेहरी सीएचसी पर चलने वाले एंबुलेंस के फेरों की जांच करेंगे। सीएमओ डा. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जांच निष्पक्ष हो, इसलिए अलग-अगल जिम्मेदारी सौंपी गई है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।

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