अंबेडकरनगर में खुलेगा पहला कैंसर केयर सेंटर, मरीजों को मिलेंगी ओपीडी और कीमोथेरेपी की सुविधाएं
अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में जिले का पहला कैंसर केयर सेंटर स्थापित होगा, जिससे मरीजों को ओपीडी, जांच, कीमोथेरेपी और दवाएं जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

HighLights
अंबेडकरनगर में जिले का पहला कैंसर केयर सेंटर स्थापित होगा।
ओपीडी, जांच, कीमोथेरेपी और सस्ती दवाओं की सुविधा मिलेगी।
लखनऊ-वाराणसी जाने वाले कैंसर मरीजों को अब राहत मिलेगी।
महेंद्र प्रताप सिंह, अंबेडकरनगर। जिला चिकित्सालय में कैंसर केयर सेंटर की स्थापना की जाएगी, इसका प्रस्ताव शासन को प्रेषित कर दिया गया है। यह जिले का पहला केयर सेंटर होगा। इससे यहां जांच व ओपीडी के साथ कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, सस्ती दवाएं, मनोवैज्ञानिक समर्थन, इंजेक्शन आदि की सुविधा प्रदान की जाएगी। इससे कीमोथेरेपी के लिए लखनऊ एवं वाराणसी जाने वाले मरीजों को आने वाले समय में राहत मिल सकती है।
संचालन के लिए शासन से केयर सेंटर में चिकित्सक एवं पैरामेडिकल की तैनाती की जाएगी। सेंटर के भवन के निर्माण के लिए सवा करोड़ रुपये व्यय होंगे, इसके अतिरिक्त संसाधनों एवं मशीनों के लिए अलग बजट का प्राविधान किया जाएगा।
गंभीर रोगों में शामिल कैंसर भी अब आम बीमारियों की तरह समाज में फैल रहा है। शुरुआती दौर में जानकारी के अभाव में यह धीरे-धीरे जानलेवा बना जाता है। बीते सप्ताह ही जिला चिकित्सालय के एक फिजीशियन की लिवर कैंसर से निधन हो गया।
जिले में लगभग 87 मरीज हैं, इसमें अधिकांश कीमोथेरेपी व अन्य उपचार के लिए लखनऊ व वाराणसी जाते हैं। इस बीमारी के प्रारंभिक लक्षण पता चल सकें, इसी उद्देश्य से आने वाले माह में जिला चिकित्सालय परिसर में कैंसर केयर सेंटर की स्थापना की जाएगी। इससे गैर संचारी रोगों की जांच में कैंसर संबंधित जांच भी होगी।
जन आरोग्य मेले में भी मिल रहे कैंसर रोगी
बीते एक वर्ष में जिले में विभिन्न बीमारियों की जांच में कैंसर जैसे लक्षण वाले करीब 386 रोगी चिह्नित हुए थे। बीते तीन माह में जन आरोग्य मेले में तीन संभावित रोगी चिह्नित किए गए। वर्तमान में जिला चिकित्सालय और सीएचसी में कैंसर की जांच व उपचार की सुविधा नहीं है।
कैंसर केयर सेंटर में मिलेगी ये सुविधाएं
केयर सेंटर में वही रोगी पहुंचेंगे, जिनको ओपीडी से चिकित्सक वहां रेफर करेंगे। प्रारंभिक लक्षण पर रोगी का सैंपल लेकर बायोप्सी जांच के लिए लखनऊ एवं वाराणसी भेजा जाएगा। कैंसर की पुष्टि होने पर चिकित्सक तय करेंगे कि मरीज को कीमोथेरेपी दी जानी है, रेडियोथेरेपी या उसे उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर करना है।
जिन मरीजों का उपचार कीमोथेरेपी और दवाओं से संभव होगा, उनका ही इलाज कैंसर केयर सेंटर में ही प्रारंभ किया जाएगा। इस पहल से सामान्य कैंसर के मरीजों को इलाज के लिए दौड़ नहीं लगाी पड़ेगी।
कैंसर केयर यूनिट की स्थापना के लिए शासन से पत्र मिला है, जल्द ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए लगभग पांच बेड लगाया जाएगा। कैंसर रोगियों को उपचार कराने में सुविधा मिलेगी और जितना सुगम हो सकेगा, उतनी सुविधाएं प्रदान की जाएगी।
-डाॅ. पीएन यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक।
