मानदेय मिलने में देरी से पीआरडी जवान ने की आत्महत्या, सिस्टम की लापरवाही उजागर
अंबेडकरनगर में डेढ़ माह का मानदेय न मिलने से आर्थिक तंगी के चलते पीआरडी जवान वीरेंद्र प्रताप ने आत्महत्या कर ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
डेढ़ माह का मानदेय न मिलने से पीआरडी जवान ने की आत्महत्या।
शासन ने 11 सितंबर को ही मानदेय के लिए बजट जारी किया था।
सिस्टम की लापरवाही के कारण पीआरडी जवानों को भुगतान नहीं मिला।
अरविंद सिंह, अंबेडकरनगर। डेढ़ माह का मानदेय नहीं मिलने पर आर्थिक तंगी से जूझते हुए आत्महत्या कर चुके प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवान वीरेंद्र प्रताप को पता नहीं था कि,शासन उनके मानदेय भुगतान के लिए बजट भेज चुका है।
स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय से गत 11 सितंबर को सात जनपदों में तैनात 475 पीआरडी जवानों के लिए विभाग ने तीन करोड़ 69 लाख 13 हजार 500 रुपये जारी कर दिया था। यह जानकारी बेसिक शिक्षा एवं युवा कल्याण द्वारा पीआरडी जवानों को नहीं दी गई।
बजट जारी करने की तिथि 11 सितंबर यानी शुक्रवार को ही जानकारी समय से दी गई होती तो, शायद पीआरडी जवान वीरेंद्र प्रताप यह आत्मघाती कदम नहीं उठाते। वह पीएमश्री विद्यालय में पहली जून से 15 जुलाई तक ड्यूटी किए थे। प्रतिमाह 15 हजार रुपये की दर से तत्समय का डेढ़ माह का मानदेय 22 हजार 500 रुपये बकाया था।
वर्तमान में पहली सितंबर से वह कंपोजिट पीएम-श्री विद्यालय खासपुर में तैनात रहे। यहीं पर बीते 13 सितंबर की सुबह विद्यालय के कक्ष में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। इसमें सरकारी तंत्र की शिथिलता व लचर संवाद ने अहम भूमिका निभाई।
चार दिन बाद भी नहीं पहुंचा मानदेय
स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय से 11 सितंबर को बजट जारी होने के चार दिन बीतने के बाद भी मंगलवार की सुबह तक पीआरडी जवानों को मानदेय मिलना दूर की बात है, युवा कल्याण विभाग तक बजट नहीं पहुंचा।
वजह दूसरे दिन माह का द्वितीय शनिवार तथा अगला दिन रविवार होने से सरकारी कार्यालय बंद रहे। वहीं, उक्त मानदेय का भुगतान जिला शिक्षा परियोजना समिति की अध्यक्ष डीएम के अनुमोदन के बाद ही होना है। हालांकि, बेसिक शिक्षा विभाग ने भुगतान के लिए पत्रावली लगाने का दावा किया है।
पांच माह से बाकी मानदेय
पीएम-श्री विद्यालय में तैनात पीआरडी जवानों का पांच माह से मानदेय बकाया है। अब सितंबर में अप्रैल से अक्टूबर तक 475 जवानों का भुगतान करने के लिए शासन ने तीन करोड़ 69 लाख 13 हजार 500 रुपये सात जिलों को भेजे हैं। इसमें अंबेडकरनगर में 40 जवानों का, हरदोई 111, लखीमपुर खीरी 93, सीतापुर 93, बहराइच 52, आगरा 54 एवं पीलीभीत में 32 जवानों का मानदेय है।
पीएम-श्री विद्यालयों की सुरक्षा में लगे पीआरडी जवानों के अगस्त तक के बकाया 23 लाख 74 हजार रुपये मानदेय भुगतान की फाइल बेसिक शिक्षा विभाग को भेजी गई है।मंगलवार की सुबह तक बजट नहीं मिला है। इसके मिलते ही जवानों तत्काल भुगतान कर दिया जाएगा।
-सुभाषिनी, जिला युवा कल्याण अधिकारी
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पीआरडी जवानों के मानदेय भुगतान के लिए बजट मिलते ही बिल लगा दिया गया है। पोर्टल नहीं चलने से भुगतान में कठिनाई है।
-डाॅ. पूनम मिश्रा, बीएसए
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