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भीषण गर्मी में रेलवे ट्रैक की निगरानी बढ़ी, अंबेडकरनगर में 25 टीमें तैनात

Published: Mon, 27 Apr 2026 04:11 PM (IST)

भीषण गर्मी के कारण रेलवे ट्रैक को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए अंबेडकरनगर में विशेष निगरानी शुरू की ...और पढ़ें

भीषण गर्मी में रेलवे ट्रैक की निगरानी बढ़ी।

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संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। अधिकतम तापमान 43 डिग्री संग भीषण गर्मी के कारण रेलवे ट्रैक को होने वाले नुकसान पर नजर बनाए रखने के लिए रेलवे पेट्रोलिंग चार्ट बनवा रहा है। रेल मित्रों को भी इसके लिए आगाह किया गया है। रेलवे ट्रैक के लिए अधिक तापमान भी नुकसानदेह होता है। कारण, पटरियां गर्म होने से बढ़ने लगती हैं। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के लिए रेल विभाग ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।

बाराबंकी-जाफराबाद रेल खंड पर अकबरपुर स्टेशन के आसपास करीब 150 किलोमीटर लंबे ट्रैक की निगरानी के लिए 25 टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक टीम में दो-दो कर्मचारी शामिल होंगे, जो अपने निर्धारित क्षेत्र में लगातार ट्रैक की निगरानी करेंगे।

हर दो किलोमीटर पर एक टीम की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। रेलवे ट्रैक इंजीनियर के मुताबिक गर्मियों में अधिक तापमान के कारण रेलवे ट्रैक के फैलने (एक्सपेंशन) की संभावना रहती है, इससे पटरियों में खिंचाव आ सकता है।

इसके अलावा वेल्डिंग प्वाइंटस के कमजोर होने या टूटने का खतरा बना रहता है। यह रेल संचालन के लिए गंभीर हो सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने यह व्यवस्था लागू की है।

अकबरपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली पंजाब हरियाणा, लुधियाना, कोलकाता, बिहार, चंडीगढ़, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, अहमदाबाद समेत अन्य प्रांतों के लिए 33 जोड़ी ट्रेनें हर दिन अप-डाउन में गुजरती हैं। टांडा के लिए दो से चार मालगाड़ियां कोयला लेकर आवागमन करती हैं।

अकबरपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर ओवरब्रिज के नीचे से जौहरडीह रेलवे क्रासिंग तक पूर्व में लगी पटरी पर भार क्षमता कम थी। इसमें एक मीटर में 52 किलोग्राम लोहा लगा है, जबकि नई पटरियों में इतनी ही दूरी में 60 किलोग्राम लोहा लगा है।

कर्मचारियों को रेलवे ट्रैक पर गर्डर, पुलों और मोड़ पर पैनी नजर रखने के निर्देश हैं। गर्मी में रेलवे ट्रैक के फैलने और अधिक सर्दी में सिकुड़ने का खतरा रहता है। इसलिए निगरानी टीमें गठित की गई हैं। -विनोद कुमार, स्टेशन अधीक्षक।