प्रयागराज, जागरण संवाददाता। विश्‍व सिजोफ्रेनिया दिवस कल 24 मई को है। सिजोफ्रेनिया बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक और सचेत करने के लिए प्रयागराज में मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय यानी काल्विन अस्पताल में सोमवार को छात्र छात्राओं ने कई रोचक आयोजन किए। नुक्कड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता से बीमारी के लक्षण के बारे में बताया। ग्रामीण क्षेत्रों में तांत्रिकों के फेर में फंसकर बीमारी को और भी बढ़ाने की मनोवृत्ति पर भी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से चोट की गई। मकसद था कि लोग सिजोफ्रेनिया बीमारी को समझें, झाड़-फूंक में समय गंवाने की बजाए रोगी को लेकर मनोचिकित्सक के पास जाएं।

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम का आयोजन : नुक्कड़ नाटक और पोस्टर प्रतियोगिता का संयोजन जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने किया। एनसीडी सेल के नोडल अधिकारी डा. आरसी पांडेय, काल्विन अस्पताल की प्रमुख चिकित्साधीक्षक डा. इंदु कनौजिया के संयुक्त निर्देशन में विभिन्न स्कूलों से आए छात्र छात्राओंं ने नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। रैप गायक उत्कर्ष ने बीमारी को केंद्रित कर रैप गीत प्रस्तुत किया।

लक्षण दिखे तो तांत्रिकों के पास नहीं बल्कि डाक्‍टर से परामर्श लें : भूत-प्रेत, ऊपरी हवा, रोगी की तरह-तरह की शारीरिक हरकतों और परिवार वालों द्वारा उन्हें तांत्रिकों के पास लेकर भागने की मनोवृत्ति को मंचन में बखूबी दिखाया। इसके बाद यह बताया गया कि सिजोफ्रेनिया के रोगियों को तांत्रिकों के पास ले जाने की बजाए अस्पताल में ले जाएं, डाक्टर से उचित परामर्श लेकर उपचार कराएं।

विश्व सिजोफ्रेनिया दिवस कल है : विश्व सिजोफ्रेनिया दिवस हर वर्ष 24 मई को मनाया जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें रोगी के शरीर में अजीब से हरकतें होती हैं। भूत-प्रेत का साया, शरीर में सिहरन की शिकायत, रात में डर, पायल छनकने की आवाज आने जैसी शिकायतें होती हैं। यह बीमारी है किसी प्रकार से भूत-प्रेत का साया नहीं। यही बताने के लिए हर साल यह दिवस मनाया जाता है और लोगों को जागरूक किया जाता है।

डा. ईशान्‍या बोलीं- भ्रांतियां से दूर रहें : जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से संबद्ध नैदानिक मनोवैज्ञानिक डा. ईशान्या राज ने कहा कि लोगों में तमाम तरह की भ्रांतियां हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा हैं। सिजोफ्रेनिया को बीमारी समझने की बजाए लोग ओझाओं, तांत्रिकों के चक्कर में पड़कर रोगी को और अधिक बीमार कर देते हैं। इस बीमारी का साधारण इलाज है लेकिन रोगी को समय रहते डाक्टर के पास ले जाना होगा।

Edited By: Brijesh Srivastava