प्रयागराज, जेएनएन। मऊआइमा सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) के अधीक्षक की धमकी व मनमाने रवैये से क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त  है। आरोप है कि वह सांसद को अपनी भाभी बताकर स्वास्थ्य कर्मियों को उनकी संविदा खत्म करने की धमकी दे रहे हैैं। इस मामले की शिकायत लेकर दर्जनों की संख्या में आशा, एएनएम आदि सांसद केसरी देवी पटेल के आवास पर पहुंचीं। ज्ञापन देकर मामले से अवगत कराया। आरोप लगाया कि वह महिलाकर्मियों का उत्पीडऩ कर रहे हैं।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने अधीक्षक को हटाने का दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम

मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ के बैनर तले सांसद आवास पर पहुंचीं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर मऊआइमा सीएचसी के  अधीक्षक को नहीं हटाया गया तो संगठन एकजुट होकर आंदोलन को बाध्य होगा। आरोप लगाया कि जो काम जिला स्वास्थ्य समिति के स्तर से होना है, वह खुद अधीक्षक कर रहे हैं। इसका उदाहरण है ब्लाक एकाउंट मैनेजर का स्थानांतरण। 

जरूर पड़ी तो जिले भर के स्वास्थ्य कर्मी एकजुट होकर करेंगे विरोध : मीरा

संगठन की अध्यक्ष मीरा देवी ने कहा कि सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद सीएचसी अधीक्षक मानसिक उनका रूप से उत्पीडऩ कर रहे हैं। संगठन की वरिष्ठ उपाध्यक्ष ऊषा पाठक ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का उत्पीडऩ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूर पड़ी तो जिले भर के स्वास्थ्य कर्मी एकजुट होकर इसका विरोध करेंगे। सांसद ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। ज्ञापन देने वालों में राजबहादुर यादव, प्रभा सिंह, पंकज शर्मा आदि शामिल रहे।

'सीएमओ ने बुलाकर मुझे अधीक्षक बनाया है'

इस संबंध में मऊआइमा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. ज्ञानचंद्र पटेल ने कहा कि सीएमओ ने मुझे बुलाकर अधीक्षक बनाया है। मैं तो अधीक्षक बनना ही नहीं चाहता। मेरा कोई भी नेता या सांसद रिश्तेदार नहीं है। जो लोग काम नहीं कर रहे हैं उनके साथ सख्ती से पेश आया तो वह विरोध कर रहे हैं।

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