प्रयागराज, जेएनएन। तीन-चार दिनों से शांत पड़ी सर्द हवा ने शुक्रवार को फिर रफ्तार पकड़ लिया है। करीब 42 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दिन में चली शीतलहर के आगे धूप भी बेअसर साबित हुई। इससे पारा लुढ़ककर नीचे आ गया। तेज हवा के कारण शाम होते ही गलन और भी बढ़ गइ। मौसम विभाग के मुताबिक तीन-चार दिन मौसम इसी तरह रहने के आसार हैं। वहीं अगले सप्ताह तक पश्चिमी विक्षोभ के फिर आने की उम्मीद है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ ईरान में सक्रिय हो गया है जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते भारत में दस्तक दे सकता है।

बर्फीली हवा से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कर्मी हुई

पिछले रविवार तक आसमान में बादलों ने डेरा जमाया हुआ था। बादलों के हट जाने के बाद सोमवार से बर्फीली हवा की रफ्तार थम गई थी। इसकी वजह से मंगलवार से चटख धूप ने लोगों को राहत दी थी। वहीं शुक्रवार को हवा ने फिर रफ्तार पकड़ लिया है।  सुबह से ही चल रही बर्फीली हवा से लोग सिहर उठे। दिन भर शीतलहर के कारण गुरुवार की तुलना में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम पारा 1.4 डिग्री सेल्सियस कम हो गया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो गुरुवार को क्रमश: 23 और नौ डिग्री सेल्सियस था। अधिकतम आद्र्रता 97 और न्यूनतम 36 फीसद रही।

संगम स्नान कर वापस लौट रहे श्रद्धालु अलाव तलाशते नजर आए 

शुक्रवार को ही माघ मेला का प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या भी है। ऐसे में सुबह और रात में गलन भी तेज ठंड में संगम में डुबकी लगाकर घर वापस लौट रहे श्रद्धालुओं की फजीहत भी हुई। रास्ते भर वह जगह-जगह अलाव खोजते नजर आए। जहां अलाव मिला वहीं झुंड बनाकर खड़े हो जाते और शरीर गर्म होने के बाद फिर आगे बढ़ते।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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