जागरण संवाददाता,प्रयागराज: शत प्रतिशत घरों में पाइप लाइन के माध्यम से जलापूíत सुनिश्चित कराने की कवायद शासन और जलकल विभाग द्वारा करीब दशक भर से चल रही है लेकिन, लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। बहुत से घरों में सब मर्सिबल अथवा हैंडपंपों के माध्यम से ही पानी की जरूरतें पूरी हो रही हैं। नए वित्तीय वर्ष (2021-22) में जलापूíत कवरेज एरिया को 82.27 फीसद से बढ़ाकर 85 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में शत प्रतिशत लक्ष्य को पूरा करने में कम से कम चार-पांच साल लग जाएंगे।

जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन में ही जलापूíत के लिए सर्विस लेवल बेंच मार्क निर्धारित किया गया था, जिसके मुताबिक शत प्रतिशत घरों में पाइप लाइन से जलापूíत मुहैया कराने का लक्ष्य था। लेकिन, मौजूदा समय में 82.27 फीसद क्षेत्र में ही पाइप लाइन के जरिए जलापूíत होती है। शुक्रवार को नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में पेश बजट के दौरान मौजूदा कवरेज एरिया में 2.73 फीसद की वृद्धि करते हुए लक्ष्य को 85 फीसद किया गया है। निगम में शामिल गांवों में पाइप लाइन डालने के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत 35 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। इन क्षेत्रों में पाइप लाइन नहीं

दरियाबाद के जोगीघाट, उंचवा, करेली में सी और डी ब्लॉक के कुछ हिस्सों में पाइप लाइन से जलापूíत नहीं है। पार्षद अतहर रजा लाडले का कहना है कि अकबरपुर और निहालपुर में भी पाइप लाइनें सड़ जाने से लोगों को पानी नहीं मिलता है।

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पहले निगम में 80 वार्ड थे, जिसमें सर्विस लेवल बेंच मार्क पूरा हो गया था। सीमा विस्तार होने के बाद 100 वार्ड हो गए। इससे जलापूíत कवरेज एरिया बढ़ गया है। नए वित्तीय वर्ष में 85 फीसद का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा होने में ढाई-तीन साल लगेंगे।

हरिश्चंद्र बाल्मीकि, महाप्रबंधक जलकल विभाग।

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